Direct vs Regular SIP: पत्नी के नाम से शुरू की ₹5000 की SIP, 10 साल में कैसे बन गई ₹16.45 लाख, समझिए फॉर्मूला

10 साल पहले पत्नी के नाम से 5 सबसे बड़े मिडकैप फंड्स में से किसी एक में ₹5,000 की मंथली SIP शुरू की होती, तो ₹6 लाख का निवेश ₹13.53 लाख से ₹16.45 लाख तक बन जाता। डायरेक्ट प्लान चुनने पर रेगुलर के मुकाबले ₹66,194 से ₹1,09,050 तक ज्यादा मिलते। समझिए कैसे

अपडेटेड Oct 30, 2026 पर 3:59 PM
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डायरेक्ट SIP प्लान रेगुलर के मुकाबले कैसे बेहतर है समझिए.

मान लीजिए 10 साल पहले आपने अपनी पत्नी के नाम से हर महीने ₹5,000 की SIP शुरू की थी। 10 साल में आपने कुल ₹6,00,000 लगाए। ACE MF के आंकड़ों के मुताबिक अगर ये पैसा AUM के हिसाब से देश के 5 सबसे बड़े मिडकैप फंड्स में से किसी एक में लगा होता, तो 28 अक्टूबर 2026 तक आपकी पत्नी के नाम पर ₹13.53 लाख से लेकर ₹16.45 लाख तक का फंड तैयार हो चुका होता। लेकिन इस कहानी में एक मोड़ है। इन पांचों फंड्स में से हर एक में डायरेक्ट प्लान ने रेगुलर प्लान से ज्यादा पैसा बनाया। ये फर्क HDFC Mid Cap Fund में ₹66,194 से लेकर Motilal Oswal Midcap Fund में ₹1,09,050 तक रहा।

₹6 लाख का निवेश, 10 साल बाद पत्नी के नाम पर कितना बनता फंड?

सबसे पहले बात देश के सबसे बड़े मिडकैप फंड HDFC Mid Cap Fund की। पत्नी के नाम से इसके डायरेक्ट प्लान में शुरू की गई ₹5,000 की SIP 10 साल में ₹15,55,376 बन जाती। यही SIP अगर रेगुलर प्लान में होती, तो रकम ₹14,89,182 रहती। डायरेक्ट प्लान ने यहां ₹66,194 यानी 4.4% ज्यादा कमाकर दिया।


Kotak Mid Cap Fund में डायरेक्ट प्लान वाली SIP ₹15,07,650 तक पहुंचती, जबकि रेगुलर प्लान में ₹14,01,371 पर रुक जाती। यहां फर्क ₹1,06,279 यानी 7.6% का रहा। Nippon India Growth Mid Cap Fund में पत्नी के नाम का डायरेक्ट प्लान ₹16,16,222 बनाता और रेगुलर प्लान ₹15,38,961। ये फर्क ₹77,261 यानी 5.0% का बैठता है।

सबसे बड़ी रकम Motilal Oswal Midcap Fund के डायरेक्ट प्लान में बनती, जहां ₹6 लाख का निवेश ₹16,45,660 हो जाता। इसी फंड के रेगुलर प्लान में रकम ₹15,36,610 रहती, यानी ₹1,09,050 या 7.1% का अंतर। Axis Midcap Fund में डायरेक्ट प्लान ₹14,56,430 बनाता, जबकि रेगुलर प्लान ₹13,53,194। यहां डायरेक्ट प्लान ₹1,03,236 यानी 7.6% आगे रहा।

एक छोटा सा फैसला, जिसकी कीमत एक लाख रुपये से ज्यादा

सवाल उठता है कि एक ही फंड के 2 प्लान में इतना फर्क क्यों। जवाब है एक्सपेंस रेशियो। किसी फंड के डायरेक्ट और रेगुलर प्लान एक ही पोर्टफोलियो रखते हैं और एक ही निवेश नियम पर चलते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि डायरेक्ट प्लान का एक्सपेंस रेशियो रेगुलर प्लान से कम होता है। एक्सपेंस रेशियो वो सालाना खर्च है, जो फंड आपके निवेश में से काटता है।

यानी पत्नी के नाम पर SIP शुरू करते वक्त फॉर्म पर लगा एक टिक तय कर देता है कि 10 साल बाद हाथ में कितना पैसा आएगा। अपनी स्कीम का एक्सपेंस रेशियो आप फंड हाउस की तरफ से हर महीने जारी होने वाले फंड रिपोर्ट कार्ड में देख सकते हैं। लॉन्ग टर्म में रिटर्न का थोड़ा सा फर्क भी डायरेक्ट प्लान को कंपाउंडिंग का बेहतर फायदा दिला देता है।

रुपये में Motilal Oswal आगे, प्रतिशत में Axis और Kotak

रकम के हिसाब से देखें तो Motilal Oswal Midcap Fund के डायरेक्ट प्लान ने सबसे बड़ा फर्क दिया, ₹1,09,050। ये रकम ₹5,000 की 21 महीने से ज्यादा की SIP के बराबर है। यानी रेगुलर प्लान चुनने का मतलब था पत्नी के फंड से पौने 2 साल की किस्तों जितना पैसा गंवा देना।

दूसरे नंबर पर Kotak Mid Cap Fund रहा, जहां फर्क ₹1,06,279 का था। इसके बाद Axis Midcap Fund ₹1,03,236, Nippon India Growth Mid Cap Fund ₹77,261 और HDFC Mid Cap Fund ₹66,194 के फर्क के साथ रहे। सबसे छोटा फर्क भी, जो HDFC में है, ₹5,000 की 13 महीने से ज्यादा की SIP के बराबर है।

प्रतिशत में तस्वीर थोड़ी बदलती है। Axis और Kotak के मिडकैप फंड 7.6% के फर्क के साथ सबसे आगे हैं, यानी इन दोनों में डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के बीच सबसे चौड़ा अंतर है। HDFC मिडकैप में ये अंतर सबसे कम 4.4% का है।

कौन से हैं ये 5 सबसे बड़े मिडकैप फंड

30 सितंबर 2026 तक के AUM के हिसाब से HDFC Mid Cap Fund सबसे बड़ा मिडकैप फंड है, जिसका AUM ₹1,01,856.06 करोड़ है। दूसरे नंबर पर Kotak का फंड ₹66,613.26 करोड़ के साथ है। इसके बाद Nippon India ₹50,176.01 करोड़, Motilal Oswal ₹40,207.50 करोड़ और Axis ₹33,527.80 करोड़ के AUM के साथ हैं।

1, 3 और 5 साल में भी डायरेक्ट प्लान आगे

अगर आपने पत्नी के नाम की SIP 10 साल नहीं, बल्कि कम वक्त पहले शुरू की होती, तब भी डायरेक्ट प्लान ही आगे रहता। 1, 3 और 5 साल, तीनों अवधियों के सालाना रिटर्न में हर फंड का डायरेक्ट प्लान रेगुलर से बेहतर रहा।

HDFC Mid Cap Fund के डायरेक्ट प्लान का 1 साल का रिटर्न -2.54% रहा, जबकि रेगुलर का -3.12%। 3 साल में डायरेक्ट प्लान ने 15.69% और रेगुलर ने 14.97% सालाना रिटर्न दिया। 5 साल में ये आंकड़े 17.02% और 16.26% रहे। Kotak Mid Cap Fund में 1 साल का रिटर्न डायरेक्ट में -4.11% और रेगुलर में -5.06% रहा। 3 साल में डायरेक्ट ने 15.01% और रेगुलर ने 13.82% दिया, जबकि 5 साल में 14.53% और 13.27%।

Nippon India Growth Mid Cap Fund में 1 साल का रिटर्न डायरेक्ट में -1.16% और रेगुलर में -1.92% रहा। 3 साल में ये 16.51% और 15.58% रहा, जबकि 5 साल में 16.07% और 15.15%। Motilal Oswal Midcap Fund के डायरेक्ट प्लान का 1 साल का रिटर्न -7.32% और रेगुलर का -8.03% रहा। 3 साल में ये 16.86% और 15.78% और 5 साल में 18.41% और 17.22% रहा। 5 साल के रिटर्न में इन पांचों में Motilal Oswal का डायरेक्ट प्लान सबसे आगे है।

Axis Midcap Fund इकलौता फंड है, जिसने 1 साल में पॉजिटिव रिटर्न दिया। इसके डायरेक्ट प्लान ने 1.35% और रेगुलर प्लान ने 0.35% का रिटर्न दिया। 3 साल में डायरेक्ट ने 16.03% और रेगुलर ने 14.85% और 5 साल में 11.87% और 10.66% का रिटर्न दिया। जिन 4 फंड्स में 1 साल का रिटर्न निगेटिव रहा, वहां भी डायरेक्ट प्लान का नुकसान रेगुलर से कम रहा।

पोर्टफोलियो बिल्कुल एक, फर्क सिर्फ NAV का

पत्नी के नाम की SIP चाहे डायरेक्ट प्लान में हो या रेगुलर में, पैसा बिल्कुल एक ही जगह लगता है। हर फंड के दोनों प्लान में शेयरों की संख्या और सेक्टर एक जैसे हैं। दोनों का पोर्टफोलियो प्राइस-टू-अर्निंग और प्राइस-टू-बुक रेशियो एक है। होल्डिंग्स का औसत मार्केट कैप, स्टैंडर्ड डेविएशन और बीटा भी हूबहू एक जैसे हैं।

मिसाल के तौर पर Motilal Oswal Midcap Fund के दोनों प्लान 15 सेक्टरों के 30 शेयरों में निवेश करते हैं। दोनों का पोर्टफोलियो P/E 52.48 और P/B 8.81 है और दोनों में होल्डिंग्स का औसत साइज ₹1,12,872.56 करोड़ है।

दोनों प्लान को अलग करने वाला इकलौता आंकड़ा है NAV, और उसी के साथ रिटर्न। 28 अक्टूबर को Axis Midcap का डायरेक्ट प्लान ₹136.17 पर बंद हुआ, जबकि रेगुलर प्लान ₹115.67 पर। HDFC Mid Cap का डायरेक्ट प्लान ₹216.18 और रेगुलर ₹194.80 पर रहा। Kotak का डायरेक्ट प्लान ₹155.14 और रेगुलर ₹132.32 पर था। Motilal Oswal का डायरेक्ट प्लान ₹111.14 और रेगुलर ₹96.06 पर रहा, जबकि Nippon India का डायरेक्ट प्लान ₹4,618.53 और रेगुलर ₹4,174.25 पर था।

पत्नी के नाम SIP शुरू करने से पहले ये बात समझ लें

एक जैसे पोर्टफोलियो और एक ही फंड मैनेजर के बावजूद हर स्कीम में और हर अवधि में डायरेक्ट प्लान ज्यादा तेजी से बढ़ा। और ये फर्क वक्त के साथ बढ़ता गया। 5 साल की SIP पर डायरेक्ट और रेगुलर का फर्क करीब ₹8,000 से ₹12,600 के बीच था, जो 10 साल में बढ़कर ₹66,000 से ₹1,09,000 तक पहुंच गया। वजह ये है कि हर साल का छोटा सा फर्क लगातार बढ़ते हुए फंड पर कंपाउंड होता रहता है। जितनी लंबी SIP, उतना बड़ा फर्क।

यानी अगर आप पत्नी के नाम से लंबे वक्त के लिए SIP शुरू करने की सोच रहे हैं, तो इस तुलना का सबक बिल्कुल सीधा है। इन 5 फंड्स में ₹5,000 महीने की 10 साल की SIP पर रेगुलर की जगह डायरेक्ट प्लान चुनने का मतलब था ₹66,194 से ₹1,09,050 तक ज्यादा पैसा, यानी उसी पोर्टफोलियो से आखिर में 4.4% से 7.6% तक ज्यादा रकम।

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