Small Saving Scheme: पिछले दो साल से सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र जैसी स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरें एक जैसी रखी हैं। जबकि, इस दौरान बैंकों ने होम लोन और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें काफी बढ़ा दी हैं।
फिर भी सरकार ने दरें क्यों नहीं बढ़ाईं?
इसकी वजह कोरोना काल की शुरुआत में लिए गए फैसले से जुड़ी है। मार्च 2020 में जब लॉकडाउन लगा था, तब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी थी। यानी रेपो रेट 4.40% कर दिया गया था। इसके बाद बैंकों ने भी FD और सेविंग्स पर ब्याज दरें घटा दी थीं।
लेकिन उस समय सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दर नहीं घटाई। खासकर बुजुर्गों को नियमित आय मिलती रहे, इस वजह से इन स्कीम्स में रिटर्न बनाए रखा गया। अब जब RBI ने फिर से रेपो रेट बढ़ा दिया है और बैंक भी ज्यादा ब्याज दे रहे हैं, तब भी सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स की दरें जस की तस रखी हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार इससे अपने ब्याज खर्च को कंट्रोल में रख रही है। क्योंकि अगर सरकार भी स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरें बढ़ा देगी, तो उसे इन पर ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। इससे सरकारी खजाने पर भार बढ़ेगा। इसलिए फिलहाल दरें न बढ़ाकर सरकार बैलेंस बनाए रखने की कोशिश कर रही है। जब बैंक FD पर कम ब्याज दे रहे थे, तब स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ज्यादा मिल रहा था। अब बैंक की दरें बढ़ीं तो ये स्कीम्स स्थिर रखी गई हैं।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि आगे बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि महंगाई (Inflation) और बाजार में लिक्विडिटी कैसी रहती है। अगर महंगाई तेजी से बढ़ी या सिस्टम में पैसा कम हुआ, तो सरकार ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकती है।
फिलहाल इन स्कीम्स पर इतना मिल रहा है ब्याज
सरकार ने जुलाई-सितंबर 2022 की तिमाही के लिए ब्याज दरें स्थिर रखी थीं। वर्तमान में कुछ प्रमुख स्कीम्स पर ब्याज दरें इस प्रकार हैं।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) – 7.1%
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) – 6.8%
सुकन्या समृद्धि योजना – 7.6%
सीनियर सिटिज़न सेविंग्स स्कीम (5 साल) – 7.4%
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम – 6.6%
ब्याज दरें भले ही कुछ कम हैं, लेकिन इन योजनाओं को सरकार की गारंटी और स्थिर रिटर्न की वजह से आज भी मिडिल क्लास और पेंशनर्स की पहली पसंद माना जाता है