Small Savings Scheme Interest Rates: अगर आप शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम से दूर रहकर सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार आज 30 जून 2026 जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की नई ब्याज दरों का ऐलान करने जा रही है।
इस ऐलान पर देशभर के करोड़ों निवेशकों की नजरें टिकी हैं। खासकर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसी लोकप्रिय योजनाओं में पैसा लगाने वाले लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस बार सरकार ब्याज दरें बढ़ाएगी, घटाएगी या इन्हें पुराना ही रखेगी। जो भी नई दरें तय होंगी, वे 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएंगी।
लगातार 8 तिमाहियों से नहीं हुआ है कोई बदलाव
पिछली यानी अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में सरकार ने सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था और यथास्थिति बनाए रखी थी। यह लगातार आठवीं ऐसी तिमाही थी जब ब्याज दरों को जस का तस रखा गया था। अब वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद ही साफ होगा कि इस बार निवेशकों को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का तोहफा मिलता है या नहीं।
अभी किस स्कीम पर मिल रहा है कितना ब्याज?
वित्त मंत्रालय द्वारा आज नई दरों की घोषणा किए जाने से पहले, वर्तमान में मिल रही ब्याज दरों की पूरी लिस्ट ये है:
कैसे तय होती हैं स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें?
सरकार हर तिमाही में इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। दरों को तय करते समय मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड यील्ड, बाजार में चल रही सामान्य ब्याज दरों की स्थिति और घरेलू व वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाता है।
निवेशकों के लिए क्यों बेस्ट हैं ये सरकारी योजनाएं?
लॉन्ग-टर्म और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले पारंपरिक निवेशकों के लिए ये योजनाएं हमेशा से पहली पसंद रही हैं। इसके पीछे मुख्य वजहें ये हैं:
100% सरकारी गारंटी: सरकार समर्थित होने के कारण इसमें डूबने का कोई जोखिम नहीं होता।
फिक्स्ड और स्थिर रिटर्न: बाजार के उतार-चढ़ाव का इन योजनाओं पर सीधा असर नहीं पड़ता, जिससे तय रिटर्न मिलना पक्का होता है।
शानदार टैक्स बेनिफिट्स: पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं में निवेश करने पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का बड़ा फायदा मिलता है।