Public Provident Fund Calculator: बच्चों के सुरक्षित और अमीर भविष्य के लिए लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग करना हर माता-पिता का सपना होता है। इस मामले में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी देश की सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित सरकारी बचत योजनाओं में से एक है। जोखिम न होने और गारंटीड रिटर्न मिलने की वजह से इसके जरिए बच्चों की उच्च शिक्षा, विदेश में पढ़ाई, शादी या उनके लिए एक बड़ा वेल्थ फंड आसानी से तैयार किया जा सकता है।
कोई भी माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर PPF खाता खोल सकते हैं। जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो इस खाते का स्टेटस 'मेजर' में बदल दिया जाता है। आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि अगर आप अपने बच्चे के लिए हर महीने ₹5000 निवेश करते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत से 60 की उम्र तक वह कितने करोड़ का मालिक बन जाएगा।
उम्र का खेल: जितनी जल्दी शुरुआत, उतना बड़ा फंड
पीपीएफ में फिलहाल 7.1% की सालाना ब्याज दर मिल रही है। आप अपने बच्चे की किस उम्र में यह निवेश शुरू करते हैं, इसका उसके 60 साल (रिटायरमेंट) की उम्र में मिलने वाले कुल फंड पर बहुत बड़ा असर पड़ता है।
नीचे दिए गए आंकड़ों से समझिए कि बच्चे की अलग-अलग उम्र में ₹5000 मंथली निवेश करने पर 60 साल की उम्र में कितना पैसा मिलेगा:
10 साल की उम्र में शुरू करने पर (50 साल का निवेश): कुल जमा राशि ₹30 लाख होगी। इस पर ₹2.40 करोड़ से ज्यादा का सिर्फ ब्याज मिलेगा। 60 की उम्र में कुल मैच्योरिटी वैल्यू ₹2.70 करोड़ से अधिक होगी।
12 साल की उम्र में शुरू करने पर (48 साल का निवेश): कुल जमा राशि ₹28.80 लाख होगी। इस पर ₹2.05 करोड़ से ज्यादा का ब्याज मिलेगा। 60 की उम्र में कुल मैच्योरिटी वैल्यू ₹2.34 करोड़ से अधिक होगी।
15 साल की उम्र में शुरू करने पर (45 साल का निवेश): कुल जमा राशि ₹27 लाख होगी। इस पर ₹1.62 करोड़ से ज्यादा का ब्याज मिलेगा। 60 की उम्र में कुल मैच्योरिटी वैल्यू ₹1.89 करोड़ से अधिक होगी।
18 साल की उम्र में शुरू करने पर (42 साल का निवेश): कुल जमा राशि ₹25.20 लाख होगी। इस पर ₹1.27 करोड़ से ज्यादा का ब्याज मिलेगा। 60 की उम्र में कुल मैच्योरिटी वैल्यू ₹1.52 करोड़ से अधिक होगी।
सिर्फ 8 साल की देरी और ₹1.25 करोड़ का फटका!
ऊपर दी गई कैलकुलेशन से साफ है कि निवेश की शुरुआत करने में की गई थोड़ी सी भी देरी आपके बच्चे के अंतिम फंड को कितना छोटा कर सकती है। अगर आप बच्चे के 10 साल के होने पर निवेश शुरू करते हैं, तो फंड ₹2.70 करोड़ बनता है। लेकिन अगर आप सिर्फ 8 साल की देरी करके उसके 18 साल के होने पर शुरुआत करते हैं, तो यह फंड घटकर ₹1.52 करोड़ रह जाता है। यानी सिर्फ 8 साल की देरी की वजह से आपके बच्चे को ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।