सुकन्या समृद्धि योजना में 10 साल की उम्र में शुरू किया निवेश, तो मैच्योरिटी 21 में मिलेगी या 31 में? अगर ऐसे किया निवेश तो होगा सबसे ज्यादा फायदा

Sukanya Samriddhi Maturity: बेटी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस योजना में कुछ लचीलापन भी दिया गया है। जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तो उच्च शिक्षा जैसे- कॉलेज फीस या एडमिशन और शादी के लिए पिछले साल के बैलेंस का 50% तक निकाला जा सकता है

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 1:48 PM
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ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जब बेटी 21 साल की होगी, तब पैसा मिल जाएगा, लेकिन नियम कुछ और कहता है

Sukanya Samriddhi Scheme: सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक बेहतरीन बचत योजना है, लेकिन इसके 'मैच्योरिटी' नियमों को लेकर अक्सर माता-पिता के मन में उलझन रहती है। सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या अकाउंट मैच्योर होने का समय बेटी की उम्र पर निर्भर करता है या खाता खोलने की तारीख पर? आइए हम आपके इन सभी सवालों के जवाब देते हैं।

मैच्योरिटी का ये है असली गणित

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जब बेटी 21 साल की होगी, तब पैसा मिल जाएगा। लेकिन नियम कुछ और कहता है। सुकन्या समृद्धि खाते की मैच्योरिटी बेटी की उम्र से नहीं, बल्कि खाता खोलने की तारीख से 21 साल पूरे होने पर होती है। जैसे- अगर आपने खाता तब खोला जब आपकी बेटी 10 साल की थी, तो वह खाता 21 साल बाद यानी बेटी की 31 साल की उम्र में मैच्योर होगा। वहीं आपको पूरे 21 साल पैसे जमा नहीं करने होते। नियम के अनुसार, आपको खाता खोलने की तारीख से केवल पहले 15 वर्षों तक ही योगदान देना होता है।


10 साल की उम्र में निवेश का फायदा

मान लीजिए आपने अपनी 10 साल की बेटी के लिए साल 2026 में खाता खोला और हर साल ₹1.5 लाख जमा किए। आप 15 साल यानी 2041 तक कुल ₹22.5 लाख जमा करेंगे। फिर अगले 6 साल जब तक अकाउंट मैच्योर नहीं होता तब तक आपको जमा राशि पर कंपाउंड ब्याज मिलता रहेगा। साल 2047 में जब बेटी 31 साल की होगी, तब खाता मैच्योर होगा। फिलहाल के 8.2% की ब्याज दर के हिसाब से ₹22.5 लाख का निवेश बढ़कर लगभग ₹71.82 लाख हो जाएगा जिसमें करीब ₹49.32 लाख सिर्फ ब्याज ही होगा।

क्या बीच में पैसे निकाल सकते हैं?

बेटी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस योजना में कुछ लचीलापन भी दिया गया है। जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तो उच्च शिक्षा जैसे- कॉलेज फीस या एडमिशन या शादी के लिए पिछले साल के बैलेंस का 50% तक निकाला जा सकता है। इससे माता-पिता को जरूरत के समय बड़ी मदद मिल जाती है और बाकी बचा हुआ पैसा मैच्योरिटी तक बढ़ता रहता है।

टैक्स में भी होती है बड़ी बचत

यह योजना टैक्स बचाने के लिहाज से भी शानदार है:

सेक्शन 80C: पुराने टैक्स सिस्टम के तहत आप हर साल ₹1.5 लाख तक की जमा राशि पर टैक्स छूट पा सकते हैं।

EEE (Exempt-Exempt-Exempt): इसका मतलब है कि निवेश की गई राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी रकम पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।

SSA खाता खोलने के लिए जरूरी जानकारी

पात्रता: बेटी की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए।

न्यूनतम/अधिकतम निवेश: साल में कम से कम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं।

कहां खोलें: किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में।

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