क्या मैच्योरिटी से पहले निकाल सकते हैं सुकन्या समृद्धि योजना का पैसा? जानें प्री-मैच्योर विड्रॉल के नियम और पूरा प्रोसेस
Sukanya Samriddhi Scheme: सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों के मुताबिक, आप खाता खुलने से लेकर बेटी के 18 साल के होने तक पैसा नहीं निकाल सकते। लेकिन जैसे ही बेटी 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है, आपको आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है
कई बार बेटी की उच्च शिक्षा या इमरजेंसी के लिए पैसों की जरूरत मैच्योरिटी से पहले ही पड़ जाती है
Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को सबसे बेहतरीन और भरोसेमंद निवेश माना जाता है। ऊंची ब्याज दर और टैक्स छूट के चलते लोग इसमें आंख बंद करके निवेश करते हैं। आमतौर पर इसे 'लॉक करो और भूल जाओ' वाला निवेश माना जाता है, क्योंकि यह खाता 21 साल में मैच्योर होता है।
लेकिन, जिंदगी हमेशा तय टाइमलाइन के हिसाब से नहीं चलती। कई बार बेटी की उच्च शिक्षा या इमरजेंसी के लिए पैसों की जरूरत पहले ही पड़ जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सुकन्या योजना का पैसा मैच्योरिटी से पहले निकाला जा सकता है? इसका जवाब है 'हां', लेकिन इसके लिए सरकार के बेहद कड़े नियम और शर्तें हैं।
बेटी के 18 साल के होते ही मिलेगा आंशिक विड्रॉल
सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों के मुताबिक, आप खाता खुलने से लेकर बेटी के 18 साल के होने तक पैसा नहीं निकाल सकते। लेकिन जैसे ही बेटी 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है, आपको आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है:
कितना पैसा मिलेगा: आप खाते में जमा कुल बैलेंस का अधिकतम 50% तक हिस्सा निकाल सकते हैं।
गणना का आधार: निकाली जाने वाली रकम की गणना पिछले वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन के क्लोजिंग बैलेंस के आधार पर की जाती है।
किस्त की सुविधा: आप यह पैसा एकमुश्त ले सकते हैं या फिर जरूरत के हिसाब से कुछ सालों के दौरान किस्तों में भी निकाल सकते हैं।
पैसा निकालने के लिए क्या है वैध कारण?
सरकार हर किसी को यूं ही बीच में पैसा निकालने की इजाजत नहीं देती। आंशिक निकासी का मुख्य उद्देश्य बेटी की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना है।
इसके लिए आपको कॉलेज की फीस, एडमिशन से जुड़े दस्तावेज या फीस स्ट्रक्चर जैसे जरूरी कागजात बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करने होंगे।
इस पैसे का इस्तेमाल आप सामान्य घरेलू खर्चों के लिए नहीं कर सकते।
किन हालातों में हो सकता है 'प्री-मैच्योर क्लोजर'?
खाते को 21 साल से पहले पूरी तरह बंद करने की अनुमति केवल कुछ विशेष और गंभीर परिस्थितियों में ही दी जाती है:
18 साल के बाद शादी: अगर बेटी की उम्र 18 साल हो चुकी है और उसकी शादी होने वाली है, तो शादी की तारीख से 1 महीना पहले या 3 महीने बाद तक खाता बंद करके पूरा पैसा निकाला जा सकता है।
अप्रिय घटना: अगर खाताधारक की असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो खाता तुरंत बंद कर दिया जाता है और पूरा पैसा अभिभावक को सौंप दिया जाता है।
गंभीर वित्तीय संकट: अगर परिवार में कोई गंभीर बीमारी आ जाए या अभिभावक का निधन हो जाए और खाता चलाना मुमकिन न हो, तो कड़े वेरिफिकेशन के बाद प्री-मैच्योर क्लोजर की अनुमति मिल सकती है।
निकासी का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
अगर आप पैसा निकालने के लिए एलिजिबल हैं, तो प्रक्रिया काफी आसान है:
स्टेप 1: उस बैंक या पोस्ट ऑफिस की ब्रांच में जाएं जहां आपकी बेटी का सुकन्या खाता चल रहा है।
स्टेप 2: वहां से SSY विड्रॉल फॉर्म लें और उसे सही से भरें।
स्टेप 3: बेटी का आयु प्रमाण पत्र (Age Proof) और उच्च शिक्षा से जुड़े दस्तावेज (एडमिशन लेटर/फीस रसीद) साथ अटैच करें।
स्टेप 4: वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद पैसा अभिभावक या बेटी के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की क्या है सलाह?
चूंकि सुकन्या समृद्धि योजना में लंबा लॉक-इन पीरियड होता है, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के भविष्य की पूरी प्लानिंग सिर्फ इसी एक स्कीम के भरोसे नहीं करनी चाहिए। अपनी बेटी की छोटी अवधि की जरूरतों जैसे- स्कूल फीस या सालाना खर्च के लिए म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य लचीले निवेश विकल्पों का भी साथ में इस्तेमाल करें।
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