हर माता-पिता की बेटी के भविष्य को लेकर सबसे बड़ी फिक्र होती है पढ़ाई का खर्च और शादी का बोझ। महंगाई के इस दौर में ये खर्चे आसमान छू रहे हैं, लेकिन सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसे सरकारी स्कीम ने लाखों परिवारों को राहत दी है। यह योजना बेटियों के लिए बनी सुरक्षित बचत का मजबूत जरिया है, जहां छोटे-छोटे निवेश से बड़ा कॉर्पस बन जाता है।
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू हुई SSY में बेटी के 10 साल के होने से पहले किसी भी पॉस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में खाता खुलवाया जा सकता है। हर साल न्यूनतम 250 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं, जो 15 साल तक चलता है। वर्तमान में 8.2% सालाना ब्याज मिलता है, जो चक्रवृद्धि तरीके से जुड़ता रहता है। खाता 21 साल बाद मैच्योर होता है।
पढ़ाई-शादी के लिए लचीलापन
बेटी 18 साल की होने पर उच्च शिक्षा या शादी के लिए पिछले वित्त वर्ष के बैलेंस का 50% तक आंशिक निकासी की जा सकती है। इसके लिए एडमिशन लेटर या फीस स्लिप जैसे दस्तावेज चाहिए। पूरी मैच्योरिटी पर टैक्स-फ्री राशि मिलती है, जो सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक की छूट भी देती है। कोई बाजार जोखिम नहीं, पूरी तरह सरकारी गारंटी।
क्यों चुनें SSY अन्य विकल्पों पर?
पीपीएफ या एफडी से ज्यादा ब्याज, म्यूचुअल फंड जैसा रिस्क न के बराबर। लॉक-इन पीरियड पैसे के बेकार खर्च को रोकता है। आज ही नजदीकी बैंक जाएं, बेटी का भविष्य सुरक्षित करें। यह न सिर्फ वित्तीय आजादी देता है, बल्कि माता-पिता का मन भी शांत रखता है।