₹10000 की मंथली SIP से बने ₹1.78 करोड़! टाटा के इस फंड ने 22 साल में बदल दी निवेशकों की किस्मत
Monthly 10000 SIP To 1 Crore Mutual Fund: टाटा एसेट मैनेजमेंट का 'टाटा वैल्यू फंड' 29 जून 2026 को अपनी लॉन्चिंग के शानदार 22 साल पूरे कर लिए हैं। फंड के जून 2026 के प्रोडक्ट नोट के मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस स्कीम की शुरुआत से ही इसमें भरोसा जताया, वे आज करोड़पति बन चुके हैं
इस फंड में 10000 की मंथली SIP से ₹26.3 लाख का निवेश बना ₹1.78 करोड़
Tata Value Fund 22 Years Completion: अगर आप म्यूचुअल फंड में लॉन्ग-टर्म निवेश की ताकत को समझना चाहते हैं, तो टाटा एसेट मैनेजमेंट का 'टाटा वैल्यू फंड' इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। 29 जून 2026 को इस ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम ने अपनी लॉन्चिंग के शानदार 22 साल पूरे कर लिए हैं। इस फंड को 29 जून 2004 को लॉन्च किया गया था।
फंड के जून 2026 के प्रोडक्ट नोट के मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस स्कीम की शुरुआत से ही इसमें भरोसा जताया, वे आज करोड़पति बन चुके हैं। आइए समझते हैं कि इस वैल्यू फंड ने निवेशकों को कैसा रिटर्न दिया है और इसका मौजूदा पोर्टफोलियो कैसा है।
SIP रिटर्न का जादू: ₹26.3 लाख का निवेश बना ₹1.78 करोड़
टाटा वैल्यू फंड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, स्कीम की शुरुआत से लेकर अब तक के रिटर्न इस प्रकार हैं:
मंथली SIP का कमाल: अगर किसी निवेशक ने जून 2004 में ₹10000 प्रति महीने की SIP शुरू की होती, तो 31 मई 2026 तक उसका कुल निवेश ₹26.3 लाख होता। आज इसकी वैल्यू बढ़कर करीब ₹1.78 करोड़ हो चुकी है। इस लिहाज से फंड ने शुरुआत से अब तक 15.07% का सालाना एसआईपी रिटर्न दिया है।
लंप सम निवेश की ताकत: अगर किसी निवेशक ने लॉन्चिंग के समय इस फंड में सिर्फ ₹10000 एकमुश्त डाले होते, तो आज वह रकम बढ़कर करीब ₹3.39 लाख हो चुकी होती। यह 17.44% का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्शाता है।
बेंचमार्क के मुकाबले कैसा रहा प्रदर्शन?
पिछले 22 सालों में इस फंड ने देश के प्रमुख इंडेक्स को कड़ी टक्कर दी है:
Tata Value Fund (लम्प-सम): 17.44% CAGR
Nifty 500 TRI: 15.50% CAGR
Nifty 50 TRI: 14.74% CAGR
फंड साइज और कहां हो रहा है आपका पैसा निवेश?
31 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, टाटा वैल्यू फंड कुल ₹8345.8 करोड़ के एसेट्स (AUM) का प्रबंधन कर रहा है और इसके पोर्टफोलियो में 44 स्टॉक्स शामिल हैं। फंड का झुकाव बड़े शेयरों यानी Large-Caps की तरफ ज्यादा है:
लार्ज-कैप: 62% एलोकेशन
मिड-कैप: 26% एलोकेशन
स्मॉल-कैप: 10% एलोकेशन
फंड इस समय बेंचमार्क के मुकाबले फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑयल एंड गैस, पावर और FMCG सेक्टर पर ज्यादा भरोसा जता रहा है। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों में भी हिस्सेदारी बढ़ाई जा रही है।
पोर्टफोलियो में नए शेयरों की एंट्री और किसकी हुई छुट्टी?
मार्च से मई 2026 के बीच फंड मैनेजर ने अपने पोर्टफोलियो में कई बड़े बदलाव किए हैं:
इन शेयरों की हुई एंट्री: प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, अडाणी पावर, अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स।
इन शेयरों से बनाया फासला: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, विप्रो और एसीसी।
फंड मैनेजर: इस फंड की कमान सोनम उदासी के हाथों में है, जो अप्रैल 2016 से लगातार इस स्कीम को मैनेज कर रहे हैं।
शॉर्ट-टर्म पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर
लंबी अवधि के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद, हालिया मार्केट वोलेटिलिटी के कारण इसका शॉर्ट-टर्म रिटर्न मिला-जुला रहा है। 31 मई 2026 को समाप्त हुए एक साल की अवधि में इस स्कीम ने 0.05% का मामूली निगेटिव रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी-500 TRI ने 0.28% का रिटर्न दिया है।
फंड हाउस का मानना है कि मौजूदा बाजार उन कंपनियों को पसंद कर रहा है जहां अर्निंग विजिबिलिटी साफ है। ऐसे में पोर्टफोलियो का फोकस 'क्वालिटी और कंसिस्टेंट कंपाउंडिंग' पर है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं और इसमें कोई गारंटीड रिटर्न नहीं मिलता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।