GST Compensation: वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मई, 2022 तक सभी वस्तु एवं सेवा कर (GST) मुआवजे की बकाया राशि का भुगतान कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इसके तहत राज्य सरकारों को 86,912 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय इस तथ्य के बावजूद लिया गया है कि जीएसटी मुआवजा कोष (GST Compensation Fund) में केवल लगभग 25,000 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। शेष राशि केंद्र द्वारा अपने स्वयं के संसाधनों से जारी की जा रही है, जो कि सेस कलेक्शन के लिए लंबित है।
केंद्र इस साल जून से राज्यों को टैक्स कलेक्शन में किसी भी प्रकार की कमी की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति देना बंद कर देगा। 5 साल के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति राज्यों और केंद्र सरकार के बीच समझौते का हिस्सा था। यह समझौता 2017 में नई अप्रत्यक्ष टैक्स व्यवस्था के समय हुआ था।
कई राज्यों ने जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि आगे बढ़ाए जाने की मांग की थी। हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए कहा था कि क्षतिपूर्ति अवधि जून, 2022 के बाद आगे नहीं बढ़ेगी।
राज्य जीएसटी की राज्यों के अपने टैक्स रेवेन्यू में हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2017-18 से वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 55.4 फीसदी रही। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 से 2016-17 के दौरान यह 55.2% थी। यह बताता है कि स्टेट जीएसटी और गैर-स्टेट जीएसटी की राज्यों के अपने टैक्स रेवेन्यू में हिस्सेदारी लगभग बराबर है।