Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने गूगल के यूक्रेन सपोर्ट फंड का ऐलान कर दिया है। इसके तहत गूगल यूक्रेन के 17 स्टार्टअप्स को मेंटॉरिंग और फाइनेंशियल सपोर्ट देगी। पिचाई ने इस बारे में एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने यूक्रेन के आंत्रप्रेन्योर को गूगल की तरफ से मिलने वाली मदद के बारे में बताया है।
पिचाई ने ट्वीट में कहा है, "मैं जब मार्च में पोलैंड के वॉर्सा में था तब यूक्रेन को हमारे सपोर्ट का ऐलान किया था। इसका मकसद युद्ध के दौरान यूक्रेन के आंत्रप्रेन्योर्स को अपना बिजनेस जारी रखने और बढ़ाने में मदद करना है। आज हम पहले रिसिपियंट्स का स्वागत करते हैं, जो गूगल से फाइनेंसिंग और मेंटॉरिंग हासिल करेंगे।"
यूक्रेन पर रूस ने 24 फरवरी को हमले शुरू किए थे। यह लड़ाई शुरू हुए तीन महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। अभी इसका कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है। इस बीच यूक्रेन में कई फैक्ट्रियां और प्लांट्स के तबाह होने की खबरें हैं। इससे वहां के उद्यमियों को बड़ा झटका लगा है।
गगूल ने एक ब्लॉग पोस्ट में सपोर्ट यूक्रेन प्रोग्राम के बारे में ज्यादा जानकारी दी है। उसने कहा है कि यूक्रेन के स्टार्टअप्स को 2022 के दौरान गूगल 50 लाख डॉलर की सहायता मुहैया कराएगा। इस फंड का इस्तेमाल यूक्रेन के स्टार्टअप्स अपने बिजनेस को जारी रखने और उसे बढ़ाने के लिए करेंगे। इससे यूक्रेन में युद्ध के बाद हालात को जल्द सामान्य करने में मदद मिलेगी। इससे इकोनॉमिक रिकवरी भी तेज होगी।
चुने गए स्टार्टअप्स को 1,00,000 डॉलर की सहायता मिलेगी। साथ ही उन्हें लगातार गूगल का मार्गदर्शन मिलेगा। उन्हें प्रोडक्ट सपोर्ट और क्लाउड क्रेडिट्स भी मिलेगा। चुने गए 17 स्टार्टअप्स में ज्यादातर टेक्नोलॉजी आधारित हैं। कुछ आर्टिफिशियल इटेलिजेंस के इस्तेमाल से जुड़े हैं। गूगल ने यूक्रेन सपोर्ट प्रोग्राम के तहत फंड हासिल करने वाले स्टार्टअप्स से बात की।
गूगल ने Mindly के सीईओ और को-फाउंडर दिमीत्री पोडोलिव से बात की। Mindly मेंटल हेल्थ सपोर्ट से जुड़ा स्टार्टअप है। यह एआई आधारित पेशेंट केयर सर्विस देता है। पोडोलिव ने कहा कि थेरेपिस्ट्स भी इनसान हैं। ये अभी खराब वक्त का सामना कर रहे हैं। मेरा मानना है कि उन्हें फ्री में काम करने के लिए कहना सही नहीं होगा। लड़ाई के दौरान माइंडली ने अपनी 100 फीसदी इनकम यूक्रेन के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर खर्च करने का फैसला किया है। इस वक्त ये लोग खुद अपने इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।