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स्लैब के लिहाज से कैसे कैलकुलेट करें अपना इनकम टैक्स? इस गाइड के जरिये जानें तमाम डिटेल

सरकार ने टैक्सपेयर्स को दो इनकम टैक्स रिजीम में से कोई एक विकल्प चुनने की सुविधा दी है: पुरानी रिजीम और नई रिजीम। हर रिजीम का टैक्स स्लैब, नियम और बेनिफिट अलग-अलग है। लिहाजा, लोग अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं। हम आपको यहां दोनों रिजीम के तहत इनकम टैक्स का आकलन करने के लिए जरूरी जानकारी पेश कर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2025 पर 10:45 PM
स्लैब के लिहाज से कैसे कैलकुलेट करें अपना इनकम टैक्स? इस गाइड के जरिये जानें तमाम डिटेल
नई रिजीम के तहत, 3 लाख रुपये की आपकी टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं लेगगा, जबकि अगले 7 लाख पर 5 पर्सेंट टैक्स लगेगा।

सरकार ने टैक्सपेयर्स को दो इनकम टैक्स रिजीम में से कोई एक विकल्प चुनने की सुविधा दी है: पुरानी रिजीम और नई रिजीम। हर रिजीम का टैक्स स्लैब, नियम और बेनिफिट अलग-अलग है। लिहाजा, लोग अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं। हम आपको यहां दोनों रिजीम के तहत इनकम टैक्स का आकलन करने के लिए जरूरी जानकारी पेश कर रहे हैं।

अपने टैक्स स्लैब को समझें

नई टैक्स रिजीम में आसान सिस्टम और कम टैक्स रेट है, लेकिन इसमें छूट का प्रावधान कम से कम है। इसके तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत छूट मिलती है और इसका फायदा उठाने के लिए टैक्सपेयर्स को निवेश का सबूत पेश करने या किसी तरह के अतिरिक्त डिस्क्लोजर की जरूरत नहीं होती है।

इस रिजीम के तहत टैक्स स्लैब:

इस रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन के जरिये 75,000 रुपये की छूट मिलती है और यह बड़ा फायदा है। दूसरी तरफ, पुरानी टैक्स रिजीम में ऊंची टैक्स दरें होती हैं, लेकिन टैक्सपेयर्स को कई तरह की छूट और कटौतियां क्लेम करने की सुविधा मिलती है।

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