New Income Tax Act: इनकम टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स रूल्स, 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। यह 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले 'नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025' के लिए विस्तृत स्ट्रक्चरल ढांचा तैयार करेगा। यह कदम भारत के प्रत्यक्ष कर इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव है, जिसका उद्देश्य टैक्स नियमों को सरल बनाना और कानूनी विवादों को कम करना है। सरकार ने इन नियमों को सार्वजनिक चर्चा के लिए पेश किया है ताकि टैक्सपेयर्स और प्रोफेशनल्स पहले से तैयार रहें और इस पर 22 फरवरी तक फीडबैक दे सकें।
60 साल पुराने सिस्टम की जगह लेगा आसान और आधुनिक ढांचा
यह नया प्रस्तावित ढांचा पिछले छह दशकों से चल रहे 1962 के नियमों की जगह लेगा। नए नियमों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पुराने 511 नियमों को घटाकर अब केवल 323 नियम कर दिया गया है, जिससे पूरा सिस्टम अधिक समझने योग्य और छोटा हो गया है। सरकार की कोशिश है कि कर प्रशासन को आधुनिक बनाया जाए और भाषा को इतना सरल रखा जाए कि टैक्स फाइलिंग में व्याख्या का झंझट न रहे।
तकनीक बेस्ड स्मार्ट फॉर्म्स के साथ होगा रेशनलाइजेशन
नए नियमों के तहत टैक्स फॉर्म्स को भी अधिक आधुनिक और तर्कसंगत बनाया गया है। इसमें स्मार्ट डिजाइन फीचर्स जैसे ऑटोमेटेड रिकॉन्सिलिएशन और प्री-फिल क्षमताओं को शामिल किया गया है। तकनीक के इस उपयोग से टैक्स फाइलिंग के दौरान होने वाली मानवीय गलतियां कम होंगी, टैक्सपेयर्स का अनुभव बेहतर होगा और प्रोसेसिंग सिस्टम की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
इन प्रमुख क्षेत्रों पर मिलेगी स्पष्टता
ड्राफ्ट नियमों में कई व्यावहारिक पहलुओं पर परिचालन स्पष्टता दी गई है। इनमें संपत्तियों के फेयर मार्केट वैल्यू का निर्धारण, कैपिटल एसेट्स की होल्डिंग अवधि की गणना करने के तरीके और नए सरल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्मेट शामिल हैं। चूंकि ऐतिहासिक रूप से अधिकांश विवाद नियमों की अस्पष्टता के कारण होते थे, इसलिए इन प्रक्रियात्मक स्पष्टीकरणों को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैसे आपको बता दें कि ये ड्राफ्ट नियम अभी अंतिम नहीं हैं। टैक्स प्रोफेशनल्स, उद्योग निकायों और कॉर्पोरेट्स से मिले सुझावों के आधार पर इनमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद, ये नियम 1 अप्रैल 2026 से नए इनकम टैक्स एक्ट के साथ प्रभावी हो जाएंगे। इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि नए ITR फॉर्म्स भी जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे।