आयकर विभाग ने हाल में चालू वित्त वर्ष के 8 महीनों में 1.29 करोड़ से ज्यादा रिफंड जारी करने के बारे में जानकारी दी है। इसमें आकलन वर्ष 2021-22 के लिए 79.70 लाख टैक्सपेयर्स के 16,691.50 करोड़ रुपये के रिफंड शामिल हैं।
आयकर विभाग ने हाल में चालू वित्त वर्ष के 8 महीनों में 1.29 करोड़ से ज्यादा रिफंड जारी करने के बारे में जानकारी दी है। इसमें आकलन वर्ष 2021-22 के लिए 79.70 लाख टैक्सपेयर्स के 16,691.50 करोड़ रुपये के रिफंड शामिल हैं।
एक टैक्सपेयर को उस स्थिति में रिफंड जारी किया जाता है, जब उसके द्वारा चुकाया गया कर वास्तविक कर देनदारियों की तुलना में ज्यादा रहा हो। कर के अतिरिक्त भुगतान का रिफंड हासिल करने के लिए, टैक्सपेयर्स को Income Tax Return (ITR) फाइल करना होता है।
क्यों जारी होता है कम रिफंड
टैक्स2विन के सीईओ और सह संस्थापक अभिषेक सोनी ने सीएनबीसी टीवी-18 से बात करते हुए कहा, भले ही ज्यादातर टैक्सपेयर्स को आकलन वर्ष 2021-22 के लिए सही रिफंड मिला है लेकिन कुछ को इस आकलन वर्ष के लिए किए गए दावे की तुलना में कम रिफंड हासिल हुआ है। सोनी ने कहा, ऐसा संभव है क्योंकि नए इनकम टैक्स पोर्टल ने संबंधित फाइलर्स के फॉर्म 26एएस में उपलब्ध संभवतः पूरे जमा कर पर विचार नहीं किया हो और पहले से दर्ज डाटा को ही ले लिया हो, जिससे यह अंतर आ सकता है। उन्होंने कहा, “कई टैक्सपेयर्स ने इस संबंध में हमसे संपर्क किया है।”
सरल शब्दों में कहें तो फॉर्म 26एएस वह स्टेटमेंट है, जो एक टैक्सपेयर की आय से टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) के रूप में काटी गई रकम या विभिन्न स्रोतों से टैक्स क्रेडिट एट सोर्स (TCS) का विवरण उपलब्ध कराती है।
तो, ऐसी स्थिति में टैक्यपेयर्स क्या कर सकते हैं?
सोनी ने कहा, यदि दावे की तुलना में प्राप्त Income Tax Refund कम है तो टैक्सपेयर्स को आयकर के सेक्शन 154 के तहत सुधार (Rectification) का अनुरोध करना चाहिए।
सुधार के उठाए जाने वाले स्टेप्स इस प्रकार हैं:
स्टेप 1: ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन करें।
स्टेप 2: ‘ई-फाइल’ मेन्यु पर जाएं और ‘Rectification’ लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3: नीचे लिस्ट में ‘Order/Intimation to be rectified’ और ‘Assessment Year’ के विकल्प चुनें।
स्टेप 4: ‘Continue’ पर क्लिक करें
स्टेप 5: filing rectification की वजह के आधार पर नीचे लिस्ट में ‘Request Type’ के विकल्पों में से एक चुनें।
सुधार के लिए किए गए अनुरोध को देखने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: ‘e-Filing’ पोर्टल पर लॉगइन करें
स्टेप 2: ‘My Account’ मेन्यु पर जाएं
स्टेप 3: ‘View e-Filed Returns/Forms’ पर क्लिक करें
स्टेप 4: नीचे लिस्ट में से ‘Rectification Status’ को सलेक्ट करें
स्टेप 5: ‘Submit’ पर क्लिक करें
इसके अलावा, जिन टैक्सपेयर्स को टैक्स रिफंड नहीं मिला है तो उन्हें अपने ईमेल चेक करने चाहिए। हो सकता है कि Income Tax Department ने कोई प्रतिक्रिया मांगी हो। इस मामले में, जल्द से जल्द उस ईमेल का जवाब देना जरूरी है।
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