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Income tax return फाइलिंग के बाद कम मिला है रिफंड, तो इन स्टेप्स से कराएं संशोधन

यदि दावे की तुलना में प्राप्त Income Tax Refund कम मिला है तो टैक्सपेयर्स को आयकर के सेक्शन 154 के तहत सुधार (Rectification) का अनुरोध करना चाहिए।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 04, 2021 पर 4:46 PM
Income tax return फाइलिंग के बाद कम मिला है रिफंड, तो इन स्टेप्स से कराएं संशोधन
income tax return

आयकर विभाग ने हाल में चालू वित्त वर्ष के 8 महीनों में 1.29 करोड़ से ज्यादा रिफंड जारी करने के बारे में जानकारी दी है। इसमें आकलन वर्ष 2021-22 के लिए 79.70 लाख टैक्सपेयर्स के 16,691.50 करोड़ रुपये के रिफंड शामिल हैं।

एक टैक्सपेयर को उस स्थिति में रिफंड जारी किया जाता है, जब उसके द्वारा चुकाया गया कर वास्तविक कर देनदारियों की तुलना में ज्यादा रहा हो। कर के अतिरिक्त भुगतान का रिफंड हासिल करने के लिए, टैक्सपेयर्स को Income Tax Return (ITR) फाइल करना होता है।

क्यों जारी होता है कम रिफंड

टैक्स2विन के सीईओ और सह संस्थापक अभिषेक सोनी ने सीएनबीसी टीवी-18 से बात करते हुए कहा, भले ही ज्यादातर टैक्सपेयर्स को आकलन वर्ष 2021-22 के लिए सही रिफंड मिला है लेकिन कुछ को इस आकलन वर्ष के लिए किए गए दावे की तुलना में कम रिफंड हासिल हुआ है। सोनी ने कहा, ऐसा संभव है क्योंकि नए इनकम टैक्स पोर्टल ने संबंधित फाइलर्स के फॉर्म 26एएस में उपलब्ध संभवतः पूरे जमा कर पर विचार नहीं किया हो और पहले से दर्ज डाटा को ही ले लिया हो, जिससे यह अंतर आ सकता है। उन्होंने कहा, “कई टैक्सपेयर्स ने इस संबंध में हमसे संपर्क किया है।”

सरल शब्दों में कहें तो फॉर्म 26एएस वह स्टेटमेंट है, जो एक टैक्सपेयर की आय से टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) के रूप में काटी गई रकम या विभिन्न स्रोतों से टैक्स क्रेडिट एट सोर्स (TCS) का विवरण उपलब्ध कराती है।

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