ITR Filing : इन 10 डॉक्यूमेंट्स का कर लें इंतजाम, फटाफट भर जाएगा आपका इनकम टैक्स रिटर्न, जान लीजिए डिटेल

आयकर विभाग ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन दोनों तरह से आईटीआर फाइल करने का विकल्प दिया जा रहा है। हालांकि, आईटीआर फाइलिंग के समय अगर जरूरी डॉक्यूमेंट पहले से जुटा लिए जाएं तो यह प्रोसेस और आसान हो जाता है

अपडेटेड Jun 08, 2022 पर 9:51 AM
आयकर विभाग (income tax department) आईटीआर फाइल करने के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है

ITR Filing: आयकर विभाग (income tax department) आईटीआर फाइल करने के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस क्रम में प्री-फिल्ड आईटीआर फॉर्म्स (ITR forms) पेश किए गए। ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन दोनों तरह से आईटीआर फाइल करने का विकल्प दिया जा रहा है। हालांकि, आईटीआर फाइलिंग के समय अगर जरूरी डॉक्यूमेंट पहले से जुटा लिए जाएं तो यह प्रोसेस और आसान हो जाता है। हम यहां ऐसे जरूरी 10 डॉक्यूमेंट्स के बारे में बता रहे हैं...

फॉर्म-16

Form 16 : फॉर्म 16 A में सैलरी के अतिरिक्त काटे गए टैक्स की जानकारी होती है। फॉर्म 16 में इम्प्लॉयर का TAN और पैन नंबर भी दिया गया होता है। इम्प्लॉयर द्वारा फॉर्म 16 जारी करने की अंतिम तारीख फिलहाल 15 जून है।


Form 16 के दो पार्ट होते हैं- पार्ट ए और पार्ट बी। आयकर विभाग के TRACES portal से दोनों पार्ट डाउनलोड करने चाहिए। 'Income from Salary' के हेड के तहत ITR forms में यह जानकारी पहले से भरी होती है। इसलिए फॉर्म 16 के पार्ट बी में उपलब्ध जानकारी से इसका मिलान करना चाहिए।

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Form 16A और अन्य TDS certificates

Form 16 के अलावा टैक्सपेयर को खुद से जुड़े दूसरे टीडीएस सर्टिफिकेट्स भी जुटा लेने चाहिए। अगर फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज आय 40,000/50,000 रुपये (सीनियर सिटीजंस) से ज्यादा हो तो बैंक ने टैक्स काटा होगा। बैंक को इसके लिए फॉर्म 16 ए जारी करना होगा। इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स और कंपनियों को 5,000 रुपये से ज्यादा डिविडेंड आय पर वित्त वर्ष 2021-22 के लिए फॉर्म 16ए जारी करना होगा।

50,000 रुपये या उससे ज्यादा मासिक किराया लेने वाले लोगों को अपने किरायेदार से Form 16C (TDS certificate) लेना चाहिए।

वित्त वर्ष के दौरान अपनी प्रॉपर्टी बेची है तो खरीदार से धनराशि पर कटे टैक्स के लिए Form 16B मांगना चाहिए। 50 लाख रुपये से ज्यादा कीमत पर बेची गई प्रॉपर्टी के लिए टीडीएस जरूरी है।

इंटरेस्ट इनकम और अन्य इंटरेस्ट सर्टिफिकेट

किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में FD है या फिर किसी ब्याज मिलने वाली स्कीम में पैसे निवेश किए गए हैं तो ब्याज से हुई इनकम का सर्टिफिकेट या फिर बैंक स्टेटमेंट रखना जरूरी है। इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80 टीटीए के तहत 10 हजार रुपये तक की ब्याज से हुई कमाई पर टैक्स छूट पाई जा सकती है। इसलिए, आईटीआर फाइल करते समय बैंक का इंटरेस्ट सर्टिफिकेट और होम लोन का ब्याज सर्टिफिकेट जरूर रखना चाहिए।

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यदि इंटरेस्ट सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है तो अपनी बैंक पासबुक अपडेट रखनी चाहिए। इस साल आईटीआर फॉर्म्स में ईपीएफ खाते से हुई इंटरेस्ट आय की डिटेल मांगी जाएगी, यदि सालाना अंशदान 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है।

इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान होम लोन, एजुकेशन लोन की ईएमआई देने वालों को टैक्स छूट का दावा करने के लिए बैंक/वित्तीय संस्थान से रिपेमेंट सर्टिफिकेट ले लेना चाहिए।

एनुअल एन्फोर्मेशन स्टेटमेंट

नवंबर, 2021 में आयकर विभाग ने Annual Information Statement (AIS) लॉन्च किया था। इसमें एक व्यक्ति द्वारा संबंधित वित्त वर्ष में किए गए सभी फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस की डिटेल होती है।

इसलिए फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस के मिलान के लिए एआईएस डाउनलोड करना जरूरी है।

फॉर्म 26एएस

Form 26AS : यह फॉर्म सालाना टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट है। आईटीआर फाइल करते समय यह बहुत महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है। इस फॉर्म को आप इनकम टैक्स की नई वेबसाइट, ट्रेसेज वेबसाइट या अपने नेट बैंकिंग अकाउंट से डाउनलोड कर सकते हैं।

टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट, खर्च के प्रूफ

आईटीआर फाइल करते समय छूट क्लेम करने के लिए सभी टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट और खर्च के प्रूफ इकट्ठा करना जरूरी है। अगर आप आईटीआर फाइलिंग के समय पुरानी टैक्स व्यवस्था को अपनाते हैं तो आप इनसे छूट क्लेम कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी, शेयर और म्यूचुअल फंड बेचने पर कैपिटल गेन

प्रॉपर्टी, शेयर और म्यूचुअल फंड बेचने पर हुए कैपिटल गेन के बारे में आपको आईटीआर फाइल करते समय सूचना देनी होगी। अगर किसी को कैपिटल गेन हुआ है तो उसे ITR-2/ITR-3 फॉर्म (जो भी लागू हो) भरना होगा।

आधार संख्या

Aadhaar number : इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 139एए के मुताबिक, एक व्यक्ति को आईटीआर फाइल करते समय अपने आधार नंबर का उल्लेख करना होगा।

अनलिस्टेड शेयरों में निवेश

अगर आपकी वित्त वर्ष 2021-22 में अनलिस्टेड शेयरों में होल्डिंग थी, तो आपको अपने आईटीआर में इसका खुलासा करना होगा। इस स्थिति में आप आईटीआर-1 का इस्तेमाल करते हुए टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर सकते हैं, आपको आईटीआर-2 फॉर्म का इस्तेमाल करना होगा।

बैंक खाते की डिटेल

Bank account details : वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान बैंक खाते/ खातों की डिटेल उपलब्ध कराना जरूरी है। अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान खाता बंद भी कर दिया है तो आपको इसकी जानकारी देनी होगी।

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