लगातार दो महीने तक जीएसटी रिटर्न नहीं भरने वाले कारोबारी अब 21 जून से माल के ट्रांसपोर्ट के लिए ई-वे बिल नहीं निकाल सकेंगे। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को ये जानकारी दी। इसके अलावा जीएसटी कम्पोजिशन योजना के तहत कंपनियां यदि लगातार दो बार यानी छह महीने तक रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं तो वे भी ई-वे बिल नहीं निकाल पाएंगे।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने इस बारे में 21 जून, 2019 की तारीख तय की है। इसमें कहा गया है कि अगर जीएसटी नियमों के तहत इस अवधि में रिटर्न दाखिल नहीं किया गया तो माल भेजने वाला, माल पाने वाला, ई-कॉमर्स ऑपरेटर और कूरियर एजेंसी पर इलेक्ट्रॉनिक वे या ई-बिल निकालने पर रोक होगी।

नियमों के अनुसार कम्पोजिशन योजना वाले टैक्सपेयर अगर दो लगातार कर अवधियों के दौरान रिटर्न दाखिल नहीं करेंगे या रेगुलर टैक्सपेयर्स अगर लगातार दो महीने तक रिटर्न जमा नहीं कराएंगे तो उनके ई-वे बिल निकालने पर रोक लग जाएगी।

जीएसटी व्यवस्था के तहत कंपनियों को अगले महीने की 20 तारीख तक पिछले महीने का रिटर्न दाखिल करना होता है। वहीं कम्पोजिशन योजना का विकल्प चुनने वाले कारोबारियों को तिमाही के अंत के बाद अगले महीने की 18 तारीख तक रिटर्न दाखिल करना होता है।

जीएसटी नेटवर्क ने ऐसा आईटी सिस्टम बनाया है जिसमें निर्धारित अवधि में रिटर्न नहीं दाखिल करने वाली कंपनियों के ई-वे बिल निकालने पर रोक लग जाएगी।

अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से जीएसटी चोरी रोकने में मदद मिलेगी। बीते वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर की अवधि में जीएसटी चोरी या उल्लंघन के 15,278 करोड़ रुपए के 3,626 मामले सामने आए हैं।