पिछले साल बजट में सरकार ने टैक्स के नियमों में कई बदलाव किए थे। इन्हीं बदलावों के तहत सरकार ने एक नया सेक्शन 80TTB शामिल किया था। इसमें बुजुर्गों को 50,000 रुपए तक के इंटरेस्ट इनकम पर टैक्स छूट की सुविधा मिलती है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि FD, रेकरिंग डिपॉजिट या सेविंग्स अकाउंट से अगर कोई ब्याज मिलता है तो 50,000 रुपए तक कोई टैक्स नहीं देना होगा।

हालांकि अगर कोई सीनियर सिटिजन 80TTB के तहत टैक्स छूट का फायदा लेता है तो 80TTA के तहत उसे कोई फायदा नहीं मिलेगा। 80TTB का फायदा सिर्फ सीनियर सिटिजन को मिलेगा।

दूसरे टैक्सपेयर्स या HUF को इसके तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। सामान्य तौर पर 80TTA के तहत किसी भी टैक्सपेयर्स को 10,000 रुपए तक के इंटरेस्ट इनकम पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है।   

80TTB और 80TTA में क्या है बेसिक फर्क?

80TTA- यह सभी टैक्सपेयर्स के लिए है। अगर सीनियर सिटिजन 80TTB को चुनते हैं तो उन्हें 80TTA का फायदा नहीं मिलेगा।

इसमें अधिकतम 10,000 रुपए तक के इंटरेस्ट इनकम पर टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।

पोस्टऑफिस और सेविंग्स अकाउंट से होने वाले इंटरेस्ट इनकम पर मिलेगी छूट।

80TTB - यह स्कीम सिर्फ सीनियर सिटिजन के लिए है।

इसमें मैक्सिमम 50,000 रुपए तक के इंटरेस्ट इनकम पर छूट मिलेगी।

FD, रेकरिंग डिपॉजिट और सेविंग्स अकाउंट से होने वाले इंटरेस्ट इनकम पर मिलेगी छूट।   

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।