Thailand Government: थाईलैंड की सरकार इन दिनों गोल्ड पर एक्स्ट्रा टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। बैंक ऑफ थाईलैंड और देश का वित्त मंत्रालय इस पर चर्चा कर रहे हैं। आखिरकार थाईलैंड सरकार ऐसा क्यों करना चाहती है? ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह टैक्स खासतौर पर ऑनलाइन चैनलों के जरिए खरीदे-बेचे गए और थाई करेंसी Baht में निपटाए गए गोल्ड पर लगाने की योजना है।
क्यों जरूरी है गोल्ड पर टैक्स?
भारत की तरह थाईलैंड में भी लोग सोना बहुत पसंद करते हैं। थाईलैंड गोल्ड का नेट इंपोर्टर है। लेकिन इस साल सोने की कीमत में करीब 40% उछाल आया है। लोगों ने इस मौके का फायदा उठाकर सोना बेचना शुरू कर दिया और डॉलर लेकर उसे थाई Baht में बदल दिया। नतीजा यह हुआ कि थाई Baht अचानक चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
मजबूत करेंसी थाईलैंड जैसे देश के लिए अच्छी नहीं है क्योंकि यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा यानी लगभग 20% हिस्सा टूरिज्म पर टिका है। जब करेंसी बहुत मजबूत हो जाती है, तो विदेश से आने वाले पर्यटकों को खर्च ज्यादा लगता है और इससे टूरिज्म पर असर पड़ सकता है।
सेंट्रल बैंक का मानना है कि गोल्ड एक्सपोर्ट बढ़ने और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से यह हालात बने हैं। हाल ही में अमेरिका ने थाईलैंड से जाने वाले सामान पर 19% टैरिफ लगाया है, जिससे ट्रेड पर दबाव बढ़ा है। इस वजह से अब सरकार चाहती है कि सोने पर टैक्स लगाकर करेंसी को थोड़ा कंट्रोल में रखा जाए।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टैक्स उन गोल्ड डील्स पर लागू नहीं होगा जो अमेरिकी डॉलर में होती हैं, फ्यूचर्स एक्सचेंज पर ट्रेड होती हैं या फिर सीधे बुलियन शॉप्स से खरीदी जाती हैं।
थाईलैंड सरकार गोल्ड एक्सपोर्ट खासकर कंबोडिया को जाने वाले सोने को लेकर भी परेशान है। दोनों देशों के बीच बॉर्डर विवाद है और आशंका जताई जा रही है कि गोल्ड का इस्तेमाल स्कैम और कैसिनो जैसे ग्रे बिजनेस में मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा है।
5 सितंबर को प्रधानमंत्री बने अनुटिन चार्नवीराकुल के सामने करेंसी को काबू में रखना बड़ी चुनौती है। अगस्त में ही थाईलैंड की संसद ने 117 अरब डॉलर का बजट पास किया है। वहीं, सेंट्रल बैंक ने एक साल में चौथी बार ब्याज दरें घटाकर दो साल के न्यूनतम स्तर पर ला दी हैं ताकि कमजोर वर्ग को राहत दी जा सके। कुल मिलाकर थाईलैंड गोल्ड पर टैक्स इसलिए लगाना चाहता है ताकि करेंसी ज्यादा मजबूत न हो और टूरिज्म के साथ-साथ इकोनॉमी को बैलेंस किया जा सके।