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यह होम लोन के प्रीपेमेंट का सही वक्त, जानिए आपके लिए क्या हैं ऑप्शंस

होम लोन के प्रीपेमेंट के लिए ग्राहकों के सामने दो ऑप्शंस हैं। वे EMI घटाने या लोन की अवधि कम करने के ऑप्शंस में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 30, 2022 पर 6:07 PM
यह होम लोन के प्रीपेमेंट का सही वक्त, जानिए आपके लिए क्या हैं ऑप्शंस
हाल में इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बाद प्रीपेमेंट का ऑप्शन बहुत अट्रैक्टिव हो गया है।

होम लोन का रिपेमेंट पीरियड लंबा होने पर इंटरेस्ट का अमाउंट प्रिंसिपल अमाउंट से ज्यादा हो जाता है। होम लोन लेने वाले कई लोग लोन की अवधि के दौरान प्रीपेमेंट कर इंटरेस्ट पर खर्च होने वाले अमाउंट को कम रखने की कोशिश करते हैं। हाल में इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बाद प्रीपेमेंट का ऑप्शन बहुत अट्रैक्टिव हो गया है।

होम लोन के प्रीपेमेंट के लिए ग्राहकों के सामने दो ऑप्शंस हैं। वे EMI घटाने या लोन की अवधि कम करने के ऑप्शंस में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। EMI घटाने से ग्राहक के हाथ में ज्यादा पैसे बचेंगे। लोन की अवधि घटाने से इंटरेस्ट पर होने वाले कुल खर्च में कमी आएगी, जिससे आपकी सेविंग्स बढ़ेगी।

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होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (HLBT) फैसिलिटी का इस्तेमाल भी होम लोन के ग्राहक कर सकते हैं। इसमें ग्राहक अपना होम लोन ऐसे बैंक में ट्रांसफर कराता है, जिसका इंटरेस्ट रेट मौजूदा बैंक के मुकाबले कम होता है। कई बार ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल में इम्प्रूवमेंट की वजह से दूसरा बैंक उसे कम इंटरेस्ट रेट पर लोन देने को तैयार हो जाता है। इंटरेस्ट रेट घटने से इंटरेस्ट पर खर्च होने वाला कुल अमाउंट काफी घट जाता है। इसलिए अगर आपके बैंक ने ज्यादा इंटरेस्ट रेट पर आपको होम लोन दिया है तो आप इसे दूसरे बैंक में स्विच करने के बारे में सोच सकते हैं।

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