Elon Musk की लीगल टीम ने Twitter को खरीदने की 44 अरब डॉलर की डील रद्द करने के लिए दूसरा नोटिस भेजा है। मंगलवार को भेजे गए इस नोटिस में डील को रद्द करने के लिए कुछ नई वजहें बताई गई हैं। इसका असर ट्विटर के शेयरों पर दिखा। प्री-मार्केट ट्रेड में यह शेयर 1 फीसदी से ज्यादा कमजोर था।
इस महीने की शुरुआत में ट्विटर के पूर्व सिक्योरिटी चीफ पीटर मज जैटको ने ट्विटर में प्राइवेसी, सिक्योरिटी और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी खामियों के बारे में बताया था। उन्हें ट्विटर ने इस साल जनवरी में नौकरी से निकाल दिया था। ट्विटर में कई तरह की खामियों के उनके आरोपों को कंपनी ने निराधार बताया था।
मस्क की लीगल टीम ने 8 जुलाई को ट्विटर के साथ डील रद्द करने के लिए अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को नोटिस भेजा था। इसमें कहा गया था कि चूंकि ट्विटर ने डील से जुड़े एग्रीमेंट की शर्तों का पालन नहीं किया है। इसलिए इसे रद्द कर दिया जाए।
मंगलवार को मस्क की लीगल टीम की तरफ से भेजे गए दूसरे नोटिस में उन आरोपों को डील रद्द करने का आधार बताया गया है, जो जैटको ने ट्विटर पर लगाए हैं। डील रद्द कराने के लिए मस्क की लीगल टीम की तरफ से भेजा गया यह दूसरा नोटिस है।
टेस्ला के सीईओ की लीगल टीम ट्विटर को भेजे लेटर में कहा है, "कुछ तथ्यों को लेकर ट्विटर पर लगाए आरोपों के बारे में कंपनी को 8 जुलाई को पता था। लेकिन, तब इनके बारे में मस्क को नहीं बताया गया। इन तथ्यों के सामने आने के बाद विलय एग्रीमेंट को रद्द करने के लिए अतिरिक्त और खास आधार बनता है।"
मस्क की लीगल टीम के प्रतिनिधि माइक रिंगलर ने कहा कि डील टर्मिनेशन के लिए यह नया लेटर कानूनी रूप से डील रद्द करने के लिए जरूरी नहीं है। लेकिन इसे इसलिए भेजा गया है कि अगर किसी वजह से 8 जुलाई के नोटिस में कोई कमी निकलती है तो इसे आधार माना जाए।
इस लेटर में कहा गया है कि जैटको की शिकायतों में ट्विटर के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इन खामियों के बारे में ट्विटर के डायरेक्टर्स और सीनियर एक्जिक्यूटिव्स को जानकारी थी। इनमें ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल भी शामिल थे। इन खामियों का ट्विटर के बिजनेस पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।