Silver vs Apple: एपल से आगे निकली चांदी, अब सिर्फ इन दो एसेट से ही रह गई पीछे

Silver vs Apple: चांदी की चमक लगातार बढ़ रही है और अब तो इसकी वैल्यू आईफोन (iPhone) कंपनी एपल (Apple) से भी अधिक हो गई। अब चांदी से आगे सिर्फ दो ही एसेट्स हैं। टॉप पर तो गोल्ड (Gold) है ही। चेक करें कि चांदी की इस तेजी को लेकर बाजार के जानकारों का क्या कहना है और दुनिया के टॉप के एसेट्स कौन-कौन से हैं?

अपडेटेड Dec 24, 2025 पर 10:47 AM
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Silver Price: अक्टूबर में तेज शॉर्ट स्क्वीज के बाद औद्योगिक मांग और ईटीएफ में ताबड़तोड़ निवेश के चलते चांदी की कीमतें फिर से ऊपर की तरफ बढ़ रही हैं और हाई लेवल पर बनी हुई हैं। (File Photo- Pexels)

Silver vs Apple: पिछले कुछ समय से चांदी के भाव रॉकेट की स्पीड से ऊपर बढ़ रहे हैं। अब तो फ्यूचर मार्केट में एक औंस (28.35 ग्राम) चांदी $71 के पार चली गई है। इस तेजी के साथ साथ चांदी इस साल करीब 150% उछल चुकी है। सिर्फ यही नहीं चांदी अब दुनिया की तीसरी सबसे कीमती एसेट बन गई है। इसने आईफोन (iPhone) बनाने वाली एपल (Apple) को भी पछाड़ दिया है। चांदी के आगे अब सिर्फ गोल्ड (Gold) और चिप कंपनी एनवीडिया (Nvidia) है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में मंगलवार के क्लोजिंग के हिसाब से एपल का मार्केट कैप $4.02 ट्रिलियन यानी $4.02 लाख करोड़ (₹360.97 लाख करोड़) है और $4.04 ट्रिलियन यानी ₹362.77 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ चांदी ने इसे पछाड़ दिया।

इस कारण चमक रही चांदी

ट्रेडर्स का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले साल 2026 में भी दरों में कटौती कर सकता है, चाहे यह एक ही बार हो। तीसरी तिमाही की जीडीपी के मजबूत आंकड़े के बावजूद ट्रेडर्स को दरों में कटौती की भारी उम्मीद है। जीडीपी आंकड़ों के अमेरिकी इकॉनमी के मजबूत स्थिति में होने के संकेत मिलने के बावजूद मार्केट का मानना है कि अमेरिकी फेड के अगले चेयरमैन का रुझान जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) की तुलना में अधिक नरम होगा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कम ब्याज दरों वाले नजरिए को अपना सकते हैं। इससे चांदी को सपोर्ट मिला है।


अक्टूबर में तेज शॉर्ट स्क्वीज के बाद औद्योगिक मांग और ईटीएफ में ताबड़तोड़ निवेश के चलते चांदी की कीमतें फिर से ऊपर की तरफ बढ़ रही हैं और हाई लेवल पर बनी हुई हैं। चांदी वैश्विक सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल डिवाइसेज की कोटिंग में होता है।

चार्ट पर कैसी है स्थिति और आगे क्या है रुझान?

दुनिया के सबसे बड़े सिल्वर ईटीएफ आईशेयर्स सिल्वर ट्रस्ट (iShares Silver Trust) की 3 महीने की इंप्लाइड वोलैटिलिटी वर्ष 2021 के शुरुआती दिनों के बाद से अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई। हालांकि ध्यान दें कि बुलिशनेस का संकेत देने वाली 3 महीने का कॉल और पुट वोलैटिलिटी का रेश्यो अक्टूबर 2025 के मध्य के बाद के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। चार्ट पर बात करें तो इसका RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 80 पर है यानी कि यह ओवरबॉट जोन में है। आरएसआई के 70 के ऊपर होने का मतलब ओवरबॉट माना जाता है। पेपरस्टोन ग्रुप के स्ट्रैटेजिस्ट Ahmad Assiri का कहना है कि कीमतें की रॉकेट स्पीड भी चांदी की चमक फीकी नहीं पड़ रही है क्योंकि निवेशक इसे लेकर आकर्षित हो रहे हैं। उनका मानना है कि $70 का लेवल अब रेजिस्टेंस नहीं रहा और इस पर खरीदारी हो रही है।

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