CNG Price Hike: गाड़ी चलाना हुआ महंगा, टोरेंट गैस ने CNG की कीमत ₹2.50/किलोग्राम बढ़ाई

LPG के बाद CNG की कीमत में इस बढ़ोतरी का अहम कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई जंग ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को बड़े पैमाने पर बाधित किया है

अपडेटेड Apr 05, 2026 पर 8:42 AM
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CNG के दाम बढ़ जाने से लोगों के लिए आनेजाने का किराया बढ़ने की चिंता पैदा हो गई है।

टोरेंट गैस ने CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमत बढ़ा दी है, लिहाजा कार चलाना महंगा होने वाला है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जयपुर में टोरेंट गैस ने CNG की कीमत 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाई है। इसके बाद नई कीमत 93.41 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। यह 3 अप्रैल 2026 से लागू है। राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में टोरेंट गैस के फ्यूल स्टेशनों पर CNG का भाव 95.50 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो गया है।

पीटीआई के मुताबिक, जयपुर के लोगों ने CNG की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। ऑटो चालकों का कहना है कि मुनाफा कम होने के कारण उनकी आय पर बुरा असर पड़ा है, जिससे उन्हें न्यूनतम मजदूरी कमाने के लिए भी ज्यादा समय तक काम करना पड़ रहा है।

अन्य राज्यों में कितनी हो गई टोरेंट गैस की CNG की कीमत


उत्तर प्रदेश: 93.50 रुपये से लेकर 96.25 रुपये प्रति किलोग्राम तक

पंजाब: 71.75 रुपये से लेकर 94.25 रुपये प्रति किलोग्राम तक

तेलंगाना: 99 रुपये प्रति किलोग्राम

गुजरात: 85.17 रुपये प्रति किलोग्राम

महाराष्ट्र: 94.5 रुपये प्रति किलोग्राम

पुडुचेरी: 81.5 रुपये प्रति किलोग्राम

तमिलनाडु: 81.50 रुपये से लेकर 94 रुपये प्रति किलोग्राम तक

CNG के दाम बढ़ जाने से लोगों के लिए आनेजाने का किराया बढ़ने की चिंता पैदा हो गई है। रोज ट्रैवल करने वाले यात्रियों के लिए, किराए में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी उनके मासिक बजट को बिगाड़ सकती है।

LPG पहले ही हो रही है महंगी

LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के बाद CNG की कीमत में इस बढ़ोतरी का अहम कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई जंग ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को बड़े पैमाने पर बाधित किया है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही लगभग बंद होने से ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। 1 अप्रैल 2026 से भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडर और 218 रुपये तक महंगा हो गया है। कमर्शियल LPG का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में होता है। इस सिलेंडर के दाम पिछले 4 महीनों में 5वीं बार बढ़े हैं।

घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 kg के LPG सिलेंडर की कीमत फिलहाल अप्रैल में तो नहीं बढ़ी है। इसकी कीमत में आखिरी बार बदलाव 7 मार्च 2026 को हुआ था। दाम 60 रुपये बढ़ा था।

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पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़े

हाल ही में नायरा एनर्जी और शेल इंडिया ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। शेल इंडिया ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमतों में सबसे ज्यादा ₹7.41 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। डीजल की कीमतों में सबसे ज्यादा ₹25.01 प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। नायरा एनर्जी ने मार्च के आखिर में पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में VAT और टैक्स के कारण वास्तविक बढ़ोतरी ₹5.30 प्रति लीटर तक की भी हो सकती है।

महंगे कच्चे तेल के कारण देश की फ्यूल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। फिर भी देश की सरकारी ऑयल मार्केट कंपनियों ने अभी तक सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं। लेकिन प्रीमियम और इंडस्ट्रियल सहित कुछ कैटगरी में कीमतें बढ़ाई हैं। सरकारी ऑयल मार्केट कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन शामिल हैं। देश का करीब 90 प्रतिशत फ्यूल मार्केट इन्हीं कंपनियों के पास है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से ग्राहकों को बचाने के लिए सरकार पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर चुकी है। इस एक्साइज ड्यूटी को पेट्रोल पर 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

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