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Uniform Civil Code: क्या उत्तराखंड के बाहर रहने वाले लोगों पर भी लागू होगा यूसीसी?

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो गया है। इससे दशकों से जारी धर्म आधारित कानून की व्यवस्था खत्म हो गई है। यूसीसी की वजह से संपत्ति में उत्तराधिकार के कानूनों में बड़ा बदलाव आया है। इससे संपत्ति में हिस्सेदारी के मामले में सभी को एक जैसे अधिकार मिल गए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 23, 2024 पर 1:45 PM
Uniform Civil Code: क्या उत्तराखंड के बाहर रहने वाले लोगों पर भी लागू होगा यूसीसी?
यूसीसी ऐसे हर व्यक्ति पर लागू होगा, जो उत्तराखंड में पिछले 15 साल से रह रहा है।

Uniform Civil Code: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) उत्तराखंड में लागू हो गया है। इससे उत्तराखंड में रहने वाले लोगों के विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े मसले अब यूसीसी से तय होंगे। इसका मतलब है कि धर्म के आधार पर विवाह, तलाक और उत्तराधिकार के नियम और कानून अलग-अलग नहीं होंगे। हर धर्म और जाति के लोग यूसीसी के दायरे में आएंगे। सिर्फ अनुसूचित जनजाति अपवाद है। उस पर यूसीसी के नियम और कानून लागू नहीं होंगे। सवाल है कि यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराधिकार के नियम में क्या बदलाव आएंगे, विवाह और तलाक के अब कौन से नियम लागू हो गए हैं, उत्तराखंड का कोई व्यक्ति नौकरी के सिलसिले में दूसरे राज्य में रहता है तो उस पर क्या यूसीसी लागू होगा, अगर दूसरे राज्य के व्यक्ति की प्रॉपर्टी उत्तराखंड में है तो क्या उस पर नियम लागू होंगे?

संपत्ति में हिस्सेदारी के कानून बदल गए हैं

उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने से पहले हिंदू के उत्तराधिकार से जुड़े मसले हिंदू सक्सेशन एक्ट 1956 के तहत तय होते थे। ईसाई के उत्तराधिकार के मामले इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 के तहत तय होते थे। मुस्लिम के मामले में पर्सनल लॉ लागू होते थे। यूसीसी लागू होने के बाद धर्म के हिसाब से अलग-अलग एक्ट लागू नहीं होंगे। सभी धर्मों को मानने वाले लोगों के उत्तराधिकार के मसले एक जैसे कानून के हिसाब से तय होंगे।

इन लोगों पर भी लागू होगा यूसीसी

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