Budget 2026: सीनियर सिटीजन्स को बड़ी राहत, अब Form 15H बार-बार जमा करने की नहीं होगी जरूरत

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने सीनियर सिटीजन्स के लिए टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाने वाला अहम बदलाव किया है। अब बॉन्ड, डिबेंचर और अन्य डिमैट में रखी गई सिक्योरिटीज से मिलने वाले ब्याज पर TDS से बचने के लिए Form 15H बार-बार जमा नहीं करना पड़ेगा

अपडेटेड Feb 02, 2026 पर 6:47 PM
Story continues below Advertisement
Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने सीनियर सिटीजन्स के लिए टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाने वाला अहम बदलाव किया है।

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने सीनियर सिटीजन्स के लिए टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाने वाला अहम बदलाव किया है। अब बॉन्ड, डिबेंचर और अन्य डिमैट में रखी गई सिक्योरिटीज से मिलने वाले ब्याज पर TDS से बचने के लिए Form 15H बार-बार जमा नहीं करना पड़ेगा। 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस कदम का मकसद उन निवेशकों को राहत देना है, जिनकी अलग-अलग कंपनियों में कई सिक्योरिटीज हैं।

Form 15H क्यों जरूरी है

Form 15H एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है। इसे 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के रेजिडेंट सीनियर सिटीजन्स भर सकते हैं। अगर उनकी कुल टैक्सेबल इनकम बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट से कम है, तो वे इस फॉर्म के जरिए TDS न काटने का रिक्वेस्ट करते हैं।


सीनियर सिटीजन्स आमतौर पर Form 15H का इस्तेमाल इनकम के लिए करते हैं।

बैंक FD से ब्याज

कॉरपोरेट बॉन्ड और डिबेंचर

नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)

म्यूनिसिपल बॉन्ड

डिमैट में रखी ब्याज देने वाली सिक्योरिटीज

Budget 2026 में क्या बदला

अब तक निवेशकों को हर बैंक, कंपनी या बॉन्ड इश्यूअर के पास अलग-अलग Form 15H जमा करना पड़ता था। इससे काफी झंझट होती थी।

बजट 2026 के प्रस्ताव के तहत सीनियर सिटीजन्स Form 15H सिर्फ एक बार अपने डिपॉजिटरी के पास जमा कर सकेंगे। डिपॉजिटरी यानी NSDL या CDSL डिपॉजिटरी खुद यह जानकारी उन सभी कंपनियों तक पहुंचा देगी, जिनकी सिक्योरिटीज निवेशक के पास हैं। यह बदलाव मुख्य रूप से डिमैट में रखे बॉन्ड और डिबेंचर पर लागू होगा, बैंक FD पर नहीं।

सीनियर सिटीजन्स को क्या फायदा

अब बार-बार अलग-अलग जगह फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं होगी। जो बुजुर्ग निवेशक कई कंपनियों के बॉन्ड रखते हैं, उनके लिए यह बड़ी राहत है। इससे गलती से TDS कटने का खतरा भी कम होगा। अक्सर ऐसा होता था कि एक कंपनी में फॉर्म जमा हो जाता था, दूसरी में नहीं। अब सेंट्रल सिस्टम से यह समस्या कम होगी। बॉन्ड निवेशकों के लिए यह अनुभव ज्यादा आसान होगा। इससे रिटेल बॉन्ड निवेशकों को फायदा मिलेगा, जिनमें बड़ी संख्या सीनियर सिटीजन्स की है।

क्या नहीं बदला

यह समझना जरूरी है कि कुछ बातें पहले जैसी ही रहेंगी।

Form 15H की पात्रता में कोई बदलाव नहीं

उम्र की शर्त 60 साल ही रहेगी

इनकम लिमिट भी वही रहेगी

अगर किसी सीनियर सिटीज़न की टैक्सेबल इनकम छूट की सीमा से ज्यादा है, तो TDS पहले की तरह कटेगा।

DDA Housing Scheme 2026: सस्ते फ्लैट खरीदने का मौका, 25% डिस्काउंट के साथ बुकिंग शुरू

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।