Property: उत्तर प्रदेश में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। UP RERA ने नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब ऐसे प्रोजेक्ट्स में भी शिकायत की जा सकेगी जो RERA में रजिस्टर नहीं हैं। यह बदलाव 25 मार्च से लागू हो गया है और इसे RERA नियमों में 10वें रिवीजन के तहत शामिल किया गया है।
अब हर प्रोजेक्ट के खिलाफ कर सकेंगे शिकायत
पहले अगर कोई प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर नहीं होता था, तो उसमें निवेश करने वाले खरीदारों के पास शिकायत करने का कोई स्पष्ट कानूनी रास्ता नहीं होता था। कई बिल्डर्स इसी कमी का फायदा उठाकर प्रोजेक्ट रजिस्टर नहीं कराते थे। अब नए नियम के तहत खरीदार सीधे UP RERA में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
RERA पहले यह जांच करेगा कि संबंधित प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन जरूरी था या नहीं। अगर बिल्डर ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ अलग से कार्रवाई होगी और साथ ही खरीदार की शिकायत पर भी सुनवाई की जाएगी। इससे पहले जो कानूनी खामी थी, वह अब दूर हो गई है।
खरीदारों को क्या करना होगा?
क्योंकि ऐसे प्रोजेक्ट्स में डॉक्यूमेंट कम होते हैं, इसलिए शिकायत करते समय खरीदारों को अतिरिक्त जानकारी देनी पड़ सकती है। इसके लिए RERA एक नया फॉर्म (संभावित Form M) भी लॉन्च कर सकता है, जिससे प्रक्रिया आसान होगी।
ट्रांसफर चार्ज पर भी लगाई सीमा
नए नियमों में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रॉपर्टी ट्रांसफर के समय बिल्डर मनमाना चार्ज नहीं ले सकेंगे। परिवार के सदस्य को ट्रांसफर करने पर अधिकतम 1,000 रुपये और अन्य लोगों को ट्रांसफर करने पर अधिकतम 25,000 रुपये ही लिए जा सकेंगे।
अब प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए नया एग्रीमेंट बनाने की जरूरत नहीं होगी। पुराने एग्रीमेंट में ही बदलाव दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे कागजी काम कम होगा और प्रक्रिया तेज होगी। कुल मिलाकर ये नए नियम घर खरीदारों के लिए सुरक्षा कवच की तरह हैं।