Lucknow Housing Scheme: लखनऊ समेत UP के 6 जिलों में बनेंगे 13.36 लाख सस्ते घर, जानिए LDA का पूरा प्लान

UP SCR Affordable Housing Scheme Lucknow: लखनऊ सहित एससीआर के 6 प्रमुख जिलों में बड़े स्तर पर आवासीय योजनाएं आकार लेने जा रही हैं। इस योजना के तहत कुल 48.75 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आम और गरीब लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 13.36 लाख किफायती यानी सस्ते मकान शामिल होंगे

अपडेटेड Jul 21, 2026 पर 3:48 PM
इस योजना के तहत कुल 48.75 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है

UP SCR Affordable Housing Plan: उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में रहने वाले और घर खरीदने का सपना देखने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। लखनऊ सहित एससीआर के 6 प्रमुख जिलों में बड़े स्तर पर आवासीय योजनाएं आकार लेने जा रही हैं। इस योजना के तहत कुल 48.75 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आम और गरीब लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 13.36 लाख किफायती यानी सस्ते मकान शामिल होंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महा-परियोजना से लगभग 33.40 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं कि किस जिले में कितने घर बनेंगे, जमीन की क्या तैयारी है और किस एजेंसी को इसका जिम्मा दिया गया है।

वर्ष 2051 की जरूरतों को ध्यान में रखकर खींचा गया खांचा


SCR के गठन के बाद लखनऊ और इसके आसपास के क्षेत्र रोजगार और व्यापार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। बाहरी जिलों से आने वाले लोगों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने के मकसद से 10 जुलाई को हुई विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में इस मेगा प्लान को मंजूरी दी गई।

2051 तक कुल जरूरत: 48.75 लाख घर।

सस्ते घर (EWS & LIG): 13.36 लाख घर।

योजना का क्षेत्रफल: कुल 70 हजार एकड़ में आवासीय योजनाएं विकसित होंगी।

पहला चरण: शुरुआती चरण में 9,940 एकड़ जमीन पर आवासीय परियोजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी।

जिला-वार डेटा: किस जिले में कितने बनेंगे सस्ते आवास?

एससीआर में शामिल लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली में घरों की जरूरत और सस्ते मकानों का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:

एससीआर में शामिल लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली में घरों की जरूरत और सस्ते मकानों का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:

किस जिले में कितनी भूमि की होगी जरूरत?

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, इन योजनाओं को आकार देने के लिए कुल 70,000 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

लखनऊ: 35,600 एकड़

उन्नाव: 7,500 एकड़

रायबरेली: 7,400 एकड़

सीतापुर: 7,300 एकड़

बाराबंकी: 6,900 एकड़

हरदोई: 4,200 एकड़

किन-किन लोकेशनों पर आएंगी आवासीय योजनाएं?

इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की मुख्य जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), सूडा (SUDA) और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को सौंपी गई है। सीतापुर रोड पर नैमिष नगर, आगरा एक्सप्रेसवे के पास वरुण विहार, सुलतानपुर रोड किसान पथ के पास आईटी सिटी और वेलनेस सिटी।  सीतापुर के नैमिषारण्य, हरदोई के संडीला इंडस्ट्रियल एरिया, बाराबंकी में सूडा, उन्नाव के नवाबगंज और रायबरेली के बछरावां में हाउसिंग बोर्ड की योजनाएं आएंगी।

मकान का साइज, स्टाइल और संभावित कीमत

एरिया साइज: इन सस्ते आवासों का क्षेत्रफल औसतन 83.5 वर्ग मीटर (लगभग 898.78 वर्ग फीट) रखा जाएगा।

ग्रुप हाउसिंग बनाम प्लॉट: रायबरेली में प्लॉट्स और ग्रुप हाउसिंग का अनुपात 50-50 प्रतिशत रहेगा। जबकि बाकी जिलों में ग्रुप हाउसिंग (फ्लैट्स) की संख्या अधिक होगी और प्लॉट्स अपेक्षाकृत कम रहेंगे।

कीमत: राजधानी लखनऊ में फिलहाल 15 से 20 लाख रुपये में सस्ते फ्लैट मिल जाते हैं। हालांकि, एससीआर भविष्य की दीर्घकालिक योजना है, इसलिए इन नए मकानों की अंतिम दरें आने वाले समय में तय की जाएंगी।

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