गलत UPI ID पर पेमेंट को लेकर हैं परेशान? अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार, ऐसे होगा रिफंड

UPI Payemt: ग्रांट थॉर्नटन के रोहन लखैयार ने बताया कि चार्ज बैक में ये बदलाव उन तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करते हैं, जैसे कि एक ही भुगतान दो बार कट जाना और धोखाधड़ी, जो UPI लेनदेन बढ़ने के साथ बढ़ रही थीं

अपडेटेड Jul 23, 2025 पर 8:20 PM
Story continues below Advertisement
इस बदलाव से छोटे व्यापारियों के लिए वर्किंग कैपिटल का बोझ कम होगा, क्योंकि उन्हें रिफंड के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा

UPI Chargeback: भारत में हर दिन करीब 600 मिलियन UPI लेनदेन होते हैं। सब्जी खरीदने से लेकर पैसे भेजने तक आज कल हर काम UPI से झटपट हो जाते है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) इस डिजिटल पेमेंट सिस्टम को हर समय फास्ट बनाए रखने के लिए इसमें समय-समय पर जरूरी अपडेट्स करता रहता है। इस कड़ी में NPCI ने UPI चार्ज बैक नियमों में कुछ अहम बदलाव किए है। ये नए नियम 15 जुलाई, 2025 से लागू हो गए है। आइए आपको बताते हैं UPI पेमेंट सिस्टम में क्या हुए है नए बदलाव।

UPI यूजर्स के लिए क्या-क्या बदल गया है?

'व्हाइटलिस्टिंग' की झंझट खत्म: पहले आपका चार्ज बैक यानी पैसे वापस मांगने का रिक्वेस्ट कई बार रिजेक्ट हो जाता था। ऐसा इसलिए होता था क्योंकि उसकी लिमिट होती थी। ऐसा होने पर बैंकों को NPCI से खास मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिसे 'व्हाइटलिस्टिंग' कहते थे जिसमें बहुत समय लगता था। अब बैंक सीधे उन सही चार्ज बैक को मंजूरी दे सकते हैं जो पहले रिजेक्ट कर दिए गए थे। इससे देरी कम होगी और काम जल्दी होगा।


तेजी से मिलेगा रिफंड: 'व्हाइटलिस्टिंग' की शर्त हटने और बैंकों के लिए सख्त समय-सीमा (TATs) तय होने से, अब वैध चार्ज बैक के लिए रिफंड ज्यादा फास्ट मिलेगा। मावेरिक सिस्टम्स के सीटीओ किशन सुंदर और फ्रीओ के सीईओ कुणाल वर्मा जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से पैसा वापस मिलने में लगने वाला समय दिनों से घटकर घंटों में आ सकता है।

बढ़ेगा भरोसा: ग्रांट थॉर्नटन भारत के रोहन लखैयार ने बताया कि चार्ज बैक में ये बदलाव उन तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करते हैं, जैसे कि डबल डेबिट (एक ही भुगतान दो बार कट जाना) और धोखाधड़ी, जो UPI लेनदेन बढ़ने के साथ बढ़ रही थीं। बैंकों के लिए तय की गई सख्त समय-सीमा यह सुनिश्चित करेगी कि विवादों को कुशलता से निपटाया जाए, जिससे प्रक्रिया कम भ्रमित करने वाली और यूजर्स के लिए ज्यादा भरोसेमंद बनेगी।

Neokred के सह-संस्थापक और सीईओ रोहित रेजी ने बताया कि NPCI का यह फैसला कि बैंक अब सीधे UPI चार्ज बैक को संभाल सकते हैं, एक छोटा लेकिन बहुत बड़ा बदलाव है। उन्होंने बताया कि इस बदलाव से छोटे व्यापारियों के लिए वर्किंग कैपिटल का बोझ कम होगा, क्योंकि उन्हें रिफंड के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा।

जहां एक तरफ यह बैंकों को अधिक आजादी देता है, वहीं उन्हें धोखाधड़ी का जल्द पता लगाने वाले सिस्टम को मजबूत करना होगा। रोहिथ रेजी कहते हैं कि BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र में 'ProfileX' जैसे उपकरण पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, इसका फायदा यह है कि पेमेंट सिस्टम ज्यादा कुशलता से काम करेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।