Top Performing Gold ETFs in India: भारतीय बाजारों में सोने को हमेशा से निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया माना गया है। लेकिन अब लोग फिजिकल सोना यानी गहने या सिक्के खरीदने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में पैसा लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसमें न तो मेकिंग चार्ज की टेंशन होती है, न चोरी होने का डर और रिटर्न भी दमदार मिलता है।
हाल ही में आए म्यूचुअल फंड डेटा (ACE MF) के मुताबिक, देश के बड़े गोल्ड ईटीएफ ने पिछले 3 सालों में निवेशकों को 34% तक का सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। इस लिस्ट में UTI Gold ETF सबसे आगे रहा है। आइए जानते हैं कि गोल्ड ईटीएफ क्या है और इस समय रिटर्न के मामले में कौन से टॉप 5 फंड्स धमाल मचा रहे हैं।
गोल्ड ईटीएफ एक तरह का म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट ही होता है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड होता है। इसे आप अपने डीमैट अकाउंट के जरिए ठीक वैसे ही खरीद और बेच सकते हैं, जैसे किसी कंपनी के शेयर को।
इसका प्रदर्शन सीधे तौर पर घरेलू बाजार में सोने की वास्तविक कीमतों को ट्रैक करता है। जब सोने के दाम बढ़ते हैं, तो आपके गोल्ड ईटीएफ की वैल्यू भी बढ़ जाती है। इसमें निवेश करने के लिए आपको लिक्विडिटी यानी आसानी से बेचने की सुविधा और कम ट्रैकिंग डिफरेंस का फायदा मिलता है।
3 साल के रिटर्न में UTI Gold ETF रहा नंबर-1
2 जुलाई के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, कम से कम ₹1500 करोड़ से अधिक के एसेट अंडर मैनेजमेंट वाले फंड्स की कैटेगरी में UTI Gold ETF ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।
बेंचमार्क को पछाड़ा: 3 साल की अवधि में जहां इसके बेंचमार्क ने महज 1.7% का रिटर्न दिया, वहीं यूटीआई गोल्ड ईटीएफ ने 34% का सालाना रिटर्न (CAGR) देकर अपने बेंचमार्क को 32.2% से मात दी।
1 साल का रिटर्न: 1 साल की अवधि में भी यह फंड टॉप पर रहा, जिसने निवेशकों को 45.6% का बंपर रिटर्न दिया, जबकि इसका बेंचमार्क 10.1% ही बढ़ सका।
सबसे बड़ा फंड: हालांकि, साइज (फंड साइज) के मामले में ICICI Pru Gold ETF सबसे बड़ा है, जिसका कुल कॉर्पस ₹27578.2 करोड़ है।
Top 5 Gold ETFs: रिटर्न और फंड साइज का पूरा रिपोर्ट कार्ड
अगर आप भी सोने में डिजिटल तरीके से निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन टॉप 5 स्कीम्स के प्रदर्शन पर नजर डाल सकते हैं:
(नोट: इस रैंकिंग में केवल उन्हीं स्कीमों को शामिल किया गया है जिनका AUM ₹1500 करोड़ से ज्यादा है। 1 महीने और 3 महीने की छोटी अवधि में मीरा एसेट गोल्ड ईटीएफ का प्रदर्शन अन्य के मुकाबले थोड़ा बेहतर रहा है, जहां गिरावट क्रमशः -8.6% और -2.5% तक सीमित रही।)
निवेशकों के लिए काम की सलाह
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग टाइम फ्रेम में फंड्स की रैंकिंग बदल सकती है। इसलिए हेडलाइन या 3 साल के लंबे रिटर्न को देखने के साथ-साथ शॉर्ट-टर्म (1 महीना, 3 महीना) और मीडियम-टर्म के प्रदर्शन को भी समझना जरूरी है। सोने में निवेश हमेशा पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने और महंगाई से सुरक्षा पाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।