12 लाख रुपये सालाना सैलरी से ₹5 करोड़ का रिटायरमेंट फंड जुटाने का पूरा गणित, ये बिल्कुल पॉसिबल है!
Build 5 Crore Retirement Fund 12 Lakh Salary: रिटायरमेंट पर ₹5 करोड़ का फंड बनाना काफी मुश्किल लगता है। लेकिन अगर आप सही उम्र में, सही जगह और अनुशासन के साथ निवेश की शुरुआत करें, तो कंपाउंडिंग की ताकत से इस आंकड़े को आसानी से छुआ जा सकता है। अगर कोई 30 साल का युवा 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का प्लान कर रहा है, तो उसके पास निवेश के लिए पूरे 30 साल का लंबा समय है
30 साल के सफर में ईपीएफ और एक छोटी सी स्टेप-अप एसआईपी का कॉम्बो मिलकर ₹5 करोड़ का भारी-भरकम फंड तैयार कर सकता है
Retirement Planning Tips: ₹12 लाख का सालाना पैकेज यानी करीब ₹1 लाख महीना और रिटायरमेंट पर पूरे ₹5 करोड़ का फंड! सुनने में यह सपना थोड़ा मुश्किल या बहुत बड़ा लग सकता है। लेकिन पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगर आप सही उम्र में, सही जगह और अनुशासन के साथ निवेश की शुरुआत करें, तो कंपाउंडिंग की ताकत से इस आंकड़े को आसानी से छुआ जा सकता है।
अगर कोई 30 साल का युवा 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का प्लान कर रहा है, तो उसके पास निवेश के लिए पूरे 30 साल का लंबा समय है। इस 30 साल के सफर में ईपीएफ (एंप्लॉय प्रोविडेंट फंड) और एक छोटी सी स्टेप-अप एसआईपी का कॉम्बो मिलकर ₹5 करोड़ का भारी-भरकम फंड तैयार कर सकता है। आइए समझते हैं इसका पूरा कैलकुलेशन।
पहला कदम: EPF का गणित (कार्पस: ₹1.9 करोड़)
अगर आप नई टैक्स रिजीम चुनते हैं और आपकी सालाना सैलरी ₹12 लाख (CTC) है, तो इसे बढ़ाने के दो तरीके हैं:
न्यूनतम योगदान का नियम: अगर आपकी कंपनी सिर्फ वैधानिक सीमा यानी ₹15,000 की बेसिक सैलरी पर 12% पीएफ काटती है, तो दोनों तरफ का मिलाकर कुल ₹3,600 महीना जमा होगा। 8.25% के मौजूदा ब्याज दर पर 30 साल में यह फंड सिर्फ ₹57 लाख बनेगा।
पूरी बेसिक सैलरी पर योगदान (स्मार्ट चॉइस): अगर आपकी कंपनी आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी जो मान लेते हैं सीटीसी का 50% यानी ₹6 लाख सालाना या ₹50,000 महीना है पर 12% पीएफ काटती है, तो आपका टेक-होम सैलरी थोड़ा कम करीब ₹88,000 होगा, लेकिन पीएफ में हर महीने शानदार रकम जमा होगी। 8.25% की दर से अगले 30 वर्षों में यह ईपीएफ फंड अकेले ही करीब ₹1.9 करोड़ का बड़ा कॉर्पस बन जाएगा।
दूसरा कदम: स्टेप-अप SIP का जादुई फॉर्मूला (कार्पस: ₹3.1 करोड़ से ₹3.5 करोड़)
ईपीएफसे ₹1.9 करोड़ जुटाने के बाद भी, ₹5 करोड़ के टारगेट तक पहुंचने के लिए आपको करीब ₹3.1 करोड़ की और जरूरत होगी। इस गैप को भरने का सबसे आसान तरीका है स्टेप-अप एसआईपी। इसकी खासियत यह है कि आपको शुरुआत में ही कोई बड़ी रकम निवेश नहीं करनी है।
शुरुआत छोटी करें: अपनी टेक-होम सैलरी का सिर्फ 5% यानी हर महीने केवल ₹4,000 से ₹5,000 की म्यूचुअल फंड एसआईपी से शुरुआत करें।
हर साल बढ़ाएं: जैसे-जैसे हर साल आपकी नौकरी में इंक्रीमेंट हो, वैसे-वैसे अपनी एसआईपी की रकम को भी हर साल 8 से 10 फीसदी बढ़ाते जाएं।
रिटर्न का फायदा: लॉन्ग-टर्म इक्विटी म्यूचुअल फंड में अगर आपको सालाना औसतन 11% से 12% का रिटर्न मिलता है, तो यह छोटी सी दिखने वाली एसआईपी 30 साल में ₹3.1 करोड़ से ₹3.5 करोड़ का एक्स्ट्रा फंड आसानी से खड़ी कर देगी।
स्टेप-अप SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे आपके मंथली बजट पर कोई दबाव नहीं पड़ता। जब आप करियर के शुरुआती दौर में होते हैं, तो कम निवेश करते हैं और जैसे-जैसे आपकी कमाई चरम पर पहुंचती है, आपका निवेश अपने आप बड़ा होता जाता है। इसके साथ ही, आपके शुरुआती निवेश को कंपाउंड होने के लिए पूरा 30 साल का समय मिल जाता है।
निवेश शुरू करने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ ₹5 करोड़ का टारगेट चेज करना ही काफी नहीं है, निवेश की रेस में बने रहने के लिए ये चीजें भी जरूरी हैं:
इमरजेंसी फंड: लॉन्ग-टर्म निवेश छूने की नौबत न आए, इसलिए कम से कम 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड अलग रखें।
इंश्योरेंस प्रोटेक्शन: परिवार के लिए पर्याप्त टर्म लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें।
कर्ज से दूरी: क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जैसे महंगे ब्याज वाले कर्ज से खुद को दूर रखें।
कुल मिलाकर रिटायरमेंट पर बड़ा फंड बनाने के लिए यह मायने नहीं रखता कि आपके पास शुरुआत में निवेश करने के लिए बहुत बड़ी रकम है या नहीं। सबसे ज्यादा मायने रखता है आपका अनुशासन, बाजार के उतार-चढ़ाव में टिके रहना और समय पर शुरुआत करना।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।