PF के टैक्स फ्री विड्रॉल के रूल क्या हैं, आपको किन डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ेगी और क्लेम प्रोसेस क्या है? सब जानिए

EPF Tax Free Withdrawal Rules: नियमों के मुताबिक, आप जरूरत पड़ने पर जैसे- शादी, पढ़ाई, बीमारी या नौकरी जाने पर अपने पीएफ का आंशिक या पूरा पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन पीएफ का पैसा निकालने से पहले आपको इनकम टैक्स के नियमों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, वरना आपके मिलने वाले पैसों में से भारी-भरकम टैक्स कट सकता है। जानिए कब आपका पीएफ विड्रॉल पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है, आपको किन डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ेगी और इसका ऑनलाइन क्लेम प्रोसेस क्या है

अपडेटेड Jul 06, 2026 पर 12:50 PM
EPFसे पैसा निकालने पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने साल नौकरी की है

EPF Tax-Free Withdrawal Rules & Process: एंप्लॉय प्रोविडेंट फंड (EPF) नौकरीपेशा लोगों के लिए लॉन्ग-टर्म सेविंग्स और रिटायरमेंट फंड का एक सबसे बेहतरीन जरिया है। नियमों के मुताबिक, आप जरूरत पड़ने पर जैसे- शादी, पढ़ाई, बीमारी या नौकरी जाने पर अपने पीएफ का आंशिक या पूरा पैसा निकाल सकते हैं।

लेकिन पीएफ का पैसा निकालने से पहले आपको इनकम टैक्स के नियमों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, वरना आपके मिलने वाले पैसों में से भारी-भरकम टैक्स (TDS) कट सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कब आपका पीएफ विड्रॉल पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है, आपको किन डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ेगी और इसका ऑनलाइन क्लेम प्रोसेस क्या है।

PF टैक्स नियम: कब नहीं कटेगा एक भी रुपया TDS?


ईपीएफ से पैसा निकालने पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने साल नौकरी की है:

5 साल से अधिक की सर्विस: अगर आपने 5 साल या उससे अधिक समय तक लगातार नौकरी की है। चाहे एक ही कंपनी में या कंपनियां बदलकर पीएफ ट्रांसफर किया हो, तो आपका पीएफ विड्रॉल पूरी तरह टैक्स-फ्री होगा। इस पर कोई टीडीएस नहीं कटेगा, चाहे रकम कितनी भी बड़ी हो।

5 साल से कम की सर्विस और ₹50000 से कम रकम: अगर आपकी कुल सर्विस 5 साल से कम है, लेकिन निकाली जाने वाली रकम ₹50000 से कम है, तो भी कोई टीडीएस नहीं कटेगा। हालांकि, यह रकम आपकी सालाना इनकम में जुड़कर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल हो सकती है।

5 साल से कम की सर्विस और ₹50000 से ज्यादा रकम: अगर सर्विस 5 साल से कम है और रकम ₹50000 से ज्यादा है, तो 10% TDS कटेगा। लेकिन, अगर आपकी सालाना कुल कमाई टैक्स छूट की सीमा से कम है, तो आप नया फॉर्म 121 या पुराना फॉर्म 15G/15H भरकर इस 10% टीडीएस को भी बचा सकते हैं।

PAN लिंक न होने पर भारी नुकसान: अगर आपकी कुल सर्विस 5 साल से कम है, रकम ₹50000 से ज्यादा है और आपका पैन कार्ड पीएफ अकाउंट से लिंक नहीं है, तो सीधे 34.6% का भारी-भरकम टीडीएस काट लिया जाएगा।

महत्वपूर्ण बदलाव (फॉर्म 121): असेसमेंट ईयर 2027 से सरकार ने पुराना फॉर्म 15G (60 साल से कम उम्र के लिए) और फॉर्म 15H (सीनियर सिटीजन्स के लिए) को हटाकर एक नया यूनिफाइड 'फॉर्म 121' पेश किया है। अब सभी उम्र के टैक्सपेयर्स टीडीएस बचाने के लिए इसी एक फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।

PF टैक्स नियम: कब नहीं कटेगा एक भी रुपया TDS?

PF विड्रॉल के लिए किन डॉक्युमेंट्स की होगी जरूरत?

ऑनलाइन क्लेम करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास ये चीजें तैयार हैं:

  • एक्टिव UAN और मोबाइल नंबर: आपका UAN एक्टिव होना चाहिए और उससे लिंक मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए।
  • केवाईसी अपडेट: आपका बैंक अकाउंट, पैन कार्ड और आधार कार्ड आपके पीएफ पोर्टल पर पूरी तरह लिंक और वेरिफाइड होना चाहिए।
  • बैंक पासबुक/चेक की कॉपी: क्लेम अपलोड करते समय बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल्ड चेक की स्कैन्ड पीडीएफ कॉपी।
  • नौकरी छोड़ने की तारीख: अगर आप पूरा पैसा निकाल रहे हैं, तो कंपनी द्वारा आपकी 'डेट ऑफ एग्जिट' पोर्टल पर अपडेट होनी चाहिए। नौकरी छोड़ने के कम से कम 2 महीने बाद ही फुल सेटलमेंट के लिए अप्लाई किया जा सकता है।

कौन से फॉर्म का कहां होता है इस्तेमाल?

EPFO ने अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग क्लेम फॉर्म तय किए हैं:

Form 31 (पीएफ एडवांस): अगर आप नौकरी में रहते हुए बीमारी, शादी, पढ़ाई या घर बनाने के लिए आंशिक पैसा निकालना चाहते हैं। नियमों के मुताबिक, आप अपने कुल कॉर्पस का अधिकतम 75% तक एडवांस निकाल सकते हैं। 25% मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य है।

Form 19 (फुल सेटलमेंट): नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद पीएफ का पूरा पैसा कर्मचारी और कंपनी दोनों का हिस्सा ब्याज सहित निकालने के लिए।

Form 10C (पेंशन विड्रॉल): अगर आपकी कुल सर्विस 10 साल से कम है, तो आप पीएफ के साथ-साथ पेंशन का पैसा भी एकमुश्त निकाल सकते हैं। अगर सर्विस 10 साल से ज्यादा है, तो पेंशन का पैसा नहीं निकलेगा, बल्कि 58 साल की उम्र के बाद हर महीने पेंशन मिलेगी।

How to Claim: क्या है पीएफ निकालने का ऑनलाइन प्रोसेस?

अगर आपकी पूरी केवाईसी कंप्लीट है, तो ऑनलाइन क्लेम 3 से 7 वर्किंग डेज के भीतर बैंक खाते में आ जाता है।

  • EPFO के Member Portal पर जाएं और UAN, पासवर्ड तथा कैप्चा डालकर लॉग-इन करें।
  • ऊपरी मेन्यू में 'Online Services' पर जाएं और 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' पर क्लिक करें।
  • अपनी स्क्रीन पर दिख रही डिटेल्स को वेरिफाई करें और अपने बैंक अकाउंट नंबर के आखिरी 4 डिजिट डालकर 'Verify' बटन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद 'Proceed for Online Claim' पर क्लिक करें।
  • अब 'I want to apply for' ड्रॉपडाउन में जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से फॉर्म चुनें जैसे- एडवांस के लिए फॉर्म 31 या फुल सेटलमेंट के लिए फॉर्म 19।
  • अगर सर्विस 5 साल से कम है और रकम ₹50,000 से ज्यादा है, तो वहीं दिए गए विंडो में टैक्स बचाने के लिए फॉर्म 121 (या 15G) की पीडीएफ कॉपी अपलोड करें।
  • अपने बैंक पासबुक या चेक की साफ इमेज अपलोड करें, एड्रेस भरें और आधार ओटीपी (OTP) के जरिए क्लेम सबमिट कर दें।
  • क्लेम सबमिट होने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर हर स्टेज सबमिशन, अप्रूवल और पैसा ट्रांसफर होने का एसएमएस अलर्ट मिलता रहेगा।

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