59 यात्रियों को बिना टिकट बस में बैठाना एक कंडक्टर को इतना भारी पड़ गया कि उसकी पूरी जिंदगी बदल गई। पहले यूपी के बस कंडक्टर की सरकारी नौकरी चली गई। फिर 22 साल तक कोर्ट के चक्कर लगते रहे, लेकिन आखिर में राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने कहा कि इससे सरकार को पैसे का बड़ा नुकसान हुआ है। ये मामला सरकारी कर्मचारियों के लिए दंग करने वाला रहा क्योंकि नौकरी में लापरवाही करना भारी पड़ा। हालांकि, कंडक्टर ने सफाई दी कि तबीयत खराब थी जिसके कारण टिकट बांट नहीं पाया। लेकिन Allahabad High Court ने साफ कह दिया कि बिना टिकट यात्रियों को सफर कराना सिर्फ गलती नहीं, बल्कि सरकार को नुकसान पहुंचाने जैसा है।
