सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोगों के लिए रिटायरमेंट एक बड़ा इवेंट होता है। रिटायरमेंट के लिए ज्यादातर लोग नौकरी के दौरान ही प्लान करते हैं। ताकि, बाद में जब रेगुलर इनकम नहीं होगी तो घर का खर्च चलाने में परेशानी न आए। सरकारी कर्मचारियों को पेंशन मिलती है लेकिन ये कई बार काफी नहीं रहती। ऐसे में नौकरी के दौरान रिटायरमेंट की लाइफ को प्लान करना ज्यादा जरूरी हो जाता है। यहां आपको बता रहे हैं कि आपको कहां और कैसे निवेश करना है ताकि रिटायरमेंट के बाद किसी भी तरह की परेशानी न आए।
Nielson और IQ के सहयोग से PGIM इंडिया के एक सर्वे के अनुसार पहले से कहीं अधिक लोग रिटायरमेंट योजना पर प्लान कर रहे हैं। कोविड महामारी से पहले 49 प्रतिशत लोगों ने अपनी रिटायरमेंट योजनाओं पर चर्चा की। आज यह संख्या बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा वह अपनी लाइफ का अधिकतम फायदा उठाना चाहते हैं।
नौकरी पाने पर आप रिटायर होने तक पैसा कमाएंगे। कमाई के आंकड़े सबके अलग होते हैं। जहां कुछ लोग सालाना लाखों कमाएंगे, वहीं कुछ लोगों को करोड़ों के पैकेज मिलता है। यहां आपको अपना रिटायरमेंट प्लान या पोर्टफोलियो के लिए एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए। एक्सपर्ट आपकी जरूरत के मुताबिक आपका पोर्टफोलियो बनाएंगे। इसमें भविष्य में महंगाई और आपके इनकम टारगेट का ध्यान रखा जाता है।
तनाव-मुक्त रिटायरमेंट के लिए कितना पैसा बचाना चाहिए यह पर्सनल इनकम और टारगेट पर निर्भर करती है। आमतौर पर हर महीने अपने वेतन का 10-15 फीसदी बचाने की सलाह दी जाती है। एक फाइनेंशियल एडवाइजर आपको अपने टारगेट और ऑप्शन के बीच सही पहचान करने में मदद कर सकता है।
निवेश कब शुरू करना है इसके बारे में बात करना और निवेश करना जितना जल्दी हो सके शुरू करना चाहिए। फाइनेंशियल एडवाइजर का कहना है कि अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद जैसे ही आप कमाई शुरू करें, आपको निवेश शुरू कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि जितनी जल्दी आप बचत करना शुरू करेंगे, आपके पैसे को बढ़ने में उतना ही अधिक समय मिलेगा।
ज्यादातर लोग रिटायमेंट के लिए एक या अधिक ऑप्शन का चुनाव करते हैं। राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS), भविष्य निधि (PF) या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), म्यूचुअल फंड रिटायरमेंट के लिए बेस्ट ऑप्शन हैं।