अगर आप सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं और चाहते हैं कि आपका पैसा कम समय में ज्यादा ब्याज लेकर लौटे, तो आपके लिए Treasury Bills (टी-बिल्स) एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने हाल ही में जनवरी से मार्च 2026 तक के लिए ट्रेजरी बिल्स की नीलामी का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस दौरान सरकार कुल 3.84 लाख करोड़ रुपये जुटाने वाली है।
ट्रेजरी बिल्स भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले अल्पकालिक ऋण साधन हैं। इन्हें 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन की अवधि के लिए जारी किया जाता है। यानी यह एक साल से कम समय के निवेश विकल्प हैं। चूंकि इन्हें सरकार जारी करती है, इसलिए ये बेहद सुरक्षित माने जाते हैं।
- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में ब्याज दरें तय होती हैं और आमतौर पर लंबी अवधि के लिए निवेश करना पड़ता है।
- वहीं, Treasury Bills कम अवधि में ही FD से ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं।
- FD में ब्याज हर साल या तिमाही के हिसाब से मिलता है, जबकि टी-बिल्स डिस्काउंट पर बेचे जाते हैं और मैच्योरिटी पर पूरा फेस वैल्यू मिलता है। यही अंतर निवेशकों को ज्यादा फायदा देता है।
- ट्रेजरी बिल्स में निवेश करने के लिए आप RBI की नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं।
- इसके लिए आपको अपने बैंक या किसी अधिकृत स्टॉकब्रोकर के जरिए आवेदन करना होगा।
- नीलामी की शुरुआत 7 जनवरी 2026 से होगी और यह प्रक्रिया 26 मार्च 2026 तक चलेगी।
- छोटे निवेशक भी इसमें भाग ले सकते हैं क्योंकि न्यूनतम निवेश राशि ज्यादा नहीं होती।
- जो लोग कम जोखिम के साथ निवेश करना चाहते हैं।
- जिन्हें शॉर्ट टर्म में बेहतर रिटर्न चाहिए।
- और जो FD जैसी पारंपरिक योजनाओं से हटकर सरकारी गारंटी वाले विकल्प तलाश रहे हैं।
FD लंबे समय से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रही है, लेकिन अब Treasury Bills एक नया और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहे हैं। सरकार की गारंटी, कम अवधि और ज्यादा रिटर्न इन्हें खास बनाते हैं। आने वाले महीनों में इनकी नीलामी निवेशकों के लिए एक सुनहरा मौका साबित हो सकती है।