'आधे अमेरिकियों का खत्म होना चाहिए टैक्स', जानिए एमेजॉन के फाउंडर ने क्यों कहा ऐसा
जेफ बेजोस ने कहा है कि कम कमाई करने वाले आधे अमेरिकियों से आयकर नहीं लिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि सरकारी खर्च में बचत कर लोगों को राहत दी जा सकती है। लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। जानिए पूरी डिटेल।
बेजोस का कहना है कि सरकार को सबसे पहले उन लोगों की मदद करनी चाहिए जो आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
एमेजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान मामदानी की एक नई योजना की तारीफ की है। साथ ही उन्होंने फिर से कहा है कि कम कमाई करने वाले लोगों से आयकर नहीं लिया जाना चाहिए मामदानी ने हाल ही में Commission on Government Efficiency (COGE) नाम से एक आयोग बनाने की घोषणा की है।
इस आयोग का काम यह पता लगाना होगा कि नगर प्रशासन कहां फिजूल खर्च कर रहा है और सरकारी सेवाओं को कम खर्च में बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इसके लिए आयोग शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों, यूनियनों और सामाजिक संगठनों से सुझाव भी लेगा।
बेजोस ने क्या कहा?
बेजोस ने मामदानी के पोस्ट के जवाब में एक्स पर कहा कि अगर सरकारी खर्च कम करने से पैसे बचते हैं, तो उस बचत का फायदा आम लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उस बचत का इस्तेमाल कम कमाई वाले 50% लोगों का टैक्स खत्म करने के लिए किया जा सकता है।
बेजोस के मुताबिक लोगों की जेब में पैसा पहुंचाने का सबसे आसान तरीका यह है कि सरकार पहले उनसे वह पैसा वसूले ही नहीं।
स्कूलों को लेकर हुई थी बहस
हाल ही में बेजोस और मामदानी के बीच शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बहस हुई थी। CNBC को दिए इंटरव्यू में बेजोस ने कहा था कि सिर्फ स्कूलों पर ज्यादा पैसा खर्च करने से शिक्षा बेहतर नहीं हो जाती। उनके मुताबिक अच्छी व्यवस्था के लिए जवाबदेही और बेहतर प्रबंधन भी जरूरी है।
बेजोस ने कहा कि अगर एमेजॉन भी न्यूयॉर्क के स्कूल सिस्टम की तरह चलता, तो ग्राहकों तक सामान पहुंचने में छह हफ्ते लग जाते। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि डिलीवरी के लिए 100 डॉलर देने पड़ते और उसके बाद भी गलत सामान पहुंच सकता था।
बाद में CNN से बातचीत में मामदानी ने बेजोस की टिप्पणी से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क के बहुत से शिक्षक बेजोस की बात से सहमत नहीं होंगे और स्कूल सिस्टम को इस तरह नहीं देखा जा सकता।
टैक्स खत्म करने की वकालत?
एमेजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस का कहना है कि अमेरिका में कम कमाने वाले लोगों से फेडरल इनकम टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अमेरिका के सबसे अमीर 1% लोग कुल फेडरल इनकम टैक्स का लगभग 40% देते हैं, जबकि सबसे नीचे के 50% कमाई करने वाले लोग सिर्फ 3% टैक्स देते हैं। बेजोस का तर्क है कि यह 3% भी नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि कम आय वाले लोगों का फेडरल इनकम टैक्स पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।
बेजोस ने कहा कि अगर कोई नर्स सालाना 75,000 डॉलर कमा रही है या कोई आम कर्मचारी रोजमर्रा के खर्चों से जूझ रहा है, तो उससे टैक्स लेना सही नहीं है। उनका कहना है कि लोगों की मदद करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि सरकार पहले उनका पैसा ले ही न। यानी टैक्स कम करके लोगों की जेब में ज्यादा पैसा रहने दिया जाए।
अमेरिका में दो अर्थव्यवस्थाएं
बेजोस का मानना है कि आज अमेरिका में एक तरह से दो अर्थव्यवस्थाएं चल रही हैं। एक तरफ वे लोग हैं जिनके पास शेयर, निवेश और बड़ी संपत्तियां हैं, जिनकी दौलत लगातार बढ़ रही है। दूसरी तरफ ऐसे लोग हैं जो महंगाई, किराए, स्वास्थ्य खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों के बढ़ते बोझ से परेशान हैं।
बेजोस का कहना है कि सरकार को सबसे पहले उन लोगों की मदद करनी चाहिए जो आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
अमीरों पर ज्यादा टैक्स
यह बयान ऐसे समय आया है जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी अमीर लोगों पर ज्यादा टैक्स लगाने की वकालत कर रहे हैं।
बेजोस का कहना है कि सिर्फ अमीरों पर और ज्यादा टैक्स लगा देने से आम शिक्षक, नर्स या कर्मचारी की जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आएगा। उनके मुताबिक असली समस्या सरकारी खर्च और सिस्टम की अक्षमताएं हैं। इसलिए सरकार को पहले अपने खर्च और कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाना चाहिए।