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इंश्योरेंस क्यों जरूरी, ULIP और इंश्योरेंस में बेहतर कौन

बजट और जीवनशैली के हिसाब से हेल्थ इंश्योरेंस चुनें। निजी हेल्थ इंश्योरेंस और फैमिली फ्लोटर में बेहतर विकल्प चुनें।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 26, 2019 पर 1:02 PM
इंश्योरेंस क्यों जरूरी, ULIP और इंश्योरेंस में बेहतर कौन

योर मनी पर इस बार सीएनबीसी-आवाज़ इंश्योरेंस के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाल रहा है। कौन-कौन से इंश्योरेंस लेने चाहिए। इंश्योरंस के क्या-क्या फायदे हैं कितना इंश्योरेंस लेना है। कितनी अवधि तक लेना है। इन सब बातों से योर मनी आपको अवगत करायेगा।

इंश्योरेंस लेने के आसान टिप्स के तहत ऐसा करें

अपनी जरूरतों के हिसाब से इंश्योरेंस लें। परिवार के खर्चों का हिसाब रखें। डेट बैलेंस को भी जोड़ें। बच्चों की पढ़ाई के लिए कितनी राशि की जरूरत इसका हिसाब लगाएं। मौजूदा आय के स्रोत का आकलन करें। इंश्योरेंस की राशि के लिए प्लानिंग करें। रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों की लिस्ट बनाएं। पॉलिसी प्रोवाइडर का स्टैंडर्ड, गुडविल चैक करें।

कैसे चुनें सही हेल्थ इंश्योरेंस?

बजट और जीवनशैली के हिसाब से हेल्थ इंश्योरेंस चुनें। निजी हेल्थ इंश्योरेंस और फैमिली फ्लोटर में बेहतर विकल्प चुनें। फैमिली फ्लोटर कवर सस्ता होता है। प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों पर कैपिंग नहीं होती है। सोच-समझकर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदें। इंश्योरेंस पॉलिसी के डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ें।

जरूरी मेडिकल कवर चुनें

महंगाई के हिसाब से मेडिकल कवर चुनें। अपना मेडिकल कवर ध्यान से चुनें। भविष्य के खर्चों को ध्यान में रखकर कवर लें।
इंश्योरेंस की बारीकियों जानें को-पेमेंट प्लान और सब लिमिट पर ध्यान दें। ध्यान रखें कि को-पेमेंट का भुगतान खुद करना होता है। बाकी के क्लेम का भुगतान कंपनी करती है। कुछ बीमारियों पर सब लिमिट लागू होती है। कंपनी सब लिमिट में मेडिकल खर्च तय कर देती है। कंपनी और थर्ड पार्टी क्लेम पर ध्यान दें। थर्ड पार्टी क्लेम वाले विकल्प में पेमेंट में देर हो सकती है।

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