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WiFi on flights: अब आसमान में भी रील्स बनाने की लगेगी होड़! फ्लाइट में इंटरनेट इस्तेमाल को लेकर नया आदेश जारी

WiFi services on flights: सरकार हवाई यात्रा नियमों में एक महत्वपूर्ण अपडेट करने जा रही है। भारत सरकार ने घोषणा की है कि भारतीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे यात्री वाई-फाई सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। लेकिन विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग की अनुमति हो, तभी आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे

Akhileshअपडेटेड Nov 05, 2024 पर 2:06 PM
WiFi on flights: अब आसमान में भी रील्स बनाने की लगेगी होड़! फ्लाइट में इंटरनेट इस्तेमाल को लेकर नया आदेश जारी
WiFi services on flights: एक नया रूल्स बनाया गया है कि जिसे उड़ान और समुद्री संपर्क (संशोधन) नियम, 2024 कहा जाएगा

WiFi services on flights: एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत सरकार ने उड़ानों के दौरान फ्लाइट में इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उड़ान के दौरान यात्री वाई-फाई के जरिए इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल केवल तभी कर पाएंगे जब 3,000 मीटर (लगभग 9,843 फीट) की ऊंचाई पर पहुंच चुके विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति होगी। आदेश में कहा गया है कि यह निर्देश भारतीय हवाई क्षेत्र में संचालित होने वाली सभी उड़ानों पर लागू होता है।

सरकार ने उड़ान और समुद्री संपर्क नियम, 2018 के तहत विमान के भारतीय हवाई क्षेत्र में 3,000 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ही मोबाइल संचार सेवाएं देने की अनुमति दी हुई है। ऐसा स्थलीय मोबाइल नेटवर्क के साथ हस्तक्षेप से बचने के लिए किया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि भारतीय हवाई क्षेत्र में न्यूनतम ऊंचाई के बावजूद, विमान में वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट सेवाएं तब उपलब्ध कराई जाएंगी, जब विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग की अनुमति होगी।" इस संशोधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कनेक्टिविटी सेवाएं उड़ानों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग से संबंधित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप हों।

इस संदर्भ में सरकार ने अधिसूचित नए नियम में कहा, "उप-नियम (एक) में स्पेसिफिएड भारतीय हवाई क्षेत्र में न्यूनतम ऊंचाई होने के बावजूद विमान में वाई-फाई के जरिए इंटरनेट सेवाएं तभी उपलब्ध कराई जाएंगी, जब विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति होगी।" नए अधिसूचित नियम को उड़ान और समुद्री संपर्क (संशोधन) नियम, 2024 कहा जाएगा।

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