Women’s day: Women’s day के मौके पर मनीकंट्रोल ऐसे महिला फंड मैनेजर्स के बारे में बता रहा है, जो बड़े म्यूचुअल फंड्स हाउस में एक साथ कई फंड्स मैनेज कर रही हैं। कोटक म्यूचुअल फंड की फंड मैनेजर शिबानी कुरियन (Shibani Kurian) इनमें से एक हैं। 46 साल की कुरियन कोटक के पांच फंडों का प्रबंधन करती हैं। इनमें Kotak Banking & Financial Services, Kotak Focused Equity, Kotak Healthcare और Kotak India EQ Contra शामिल हैं। इनका कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 7,500 करोड़ रुपये है। इंडिया के बड़े फंड हाउसेज में से एक की फंड मैनेजर बनने तक का उनका सफर कैसा रहा, इस सफर में क्या-क्या पड़ाव आएं और निवेश का उनका मंत्र क्या है? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
कुरियन का जन्म दिल्ली में हुआ था। लेकिन, वह जब सिर्फ 4 साल की थीं तब कोलकाता चली गईं। उनके पिता इंजीनियर थे, जबकि मां एक स्कूल टीचर। कुरियन को बचपन से ही पढ़ने का शौक था, जो आज भी जारी है। लेकिन, फाइनेंस की दुनिया की तरफ उनके अट्रैक्ट होने में बिजनेस न्यूजपेपर्स का बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा, "मेरे पिता मुझे और मेरे छोटे भाई को बिजनेस न्यूजपेपर्स पढ़ने को कहते थे। उन्हें पढ़ने के बाद मुझे लगा कि इकोनॉमिक्स में करियर बनाना मेरे लिए ठीक रहेगा। फिर, मैंने इकोनॉमिक्स, मैथ्स, कॉमर्स और अकाउंट्स सब्जेक्ट्स का चुनाव किया।"
एमबीए की पढ़ाई के दौरान फाइनेंस को समझने का मौका मिला
कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से बीएससी ऑनर्स के बाद एमबीए की पढ़ाई के दौरान उन्हें फाइनेंस को करीब से समझने को मौका मिला। इनमें इक्विटी रिसर्च, इनवेस्टमेंट बैंकिंग, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और अकाउंटिंग शामिल थे। फिर उन्होंने इक्विटी रिसर्च पर फोकस करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, "जब 2000 में कैंपस सेलेक्शन में मुझे यूटीआई म्यूचुअल फंड में काम करने का मौका मिला तो मैंने शुरुआत इक्विटी रिसर्चर के रूप में की।"
यूटीआई म्यूचुअल फंड से शुरू किया करियर
यूटीआई में बतौर बैंकिंग एनालिस्ट छह साल बिताने के बाद उन्होंने करीब डेढ़ साल तक एक फाइनेंशियल कंपनी में काम किया। उसका नाम Dawnay Day AV Financial Service था, जो इंग्लैंड की एक वेल्थ मैनेजमेंट फर्म थी। नवंबर 2007 में उन्होंने बतौर बैंकिंग एनालिस्ट और इकोनॉमिस्ट कोटक म्यूचुअल फंड ज्वाइन किया। यहां उन्होंने बैंकों के साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर को ट्रैक करना शुरू किया। 2005 में वह इक्विटी रिसर्च की हेड बन गईं। इसके बाद उन्हें फंड मैनेजर बना दिया गया।
शिबानी कुरियन का निवेश मंत्र
निवेश के मंत्र के बारे में पूछने पर कुरियन ने कहा, "हम ग्रोथ और रेवेन्यू ग्रोथ पर ज्यादा फोकस करते हैं। लेकिन, हमें बैलेंसशीट और कैश फ्लो को करीब से देखना चाहिए। इससे किसी कंपनी के कैरेक्टर और मैनेजमेंट के बारे में ज्यादा जानकारी मिलती है। यह सिर्फ रेवेन्यू ग्रोथ के मुकाबले ज्यादा अहम है।" इस मंत्र ने उन्हें कई गुना रिटर्न देने वाले शेयरों को पहचानने में मदद की है।
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