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World Senior Citizen's Day: भूलकर भी नहीं करें य गलतियां, नहीं तो पूरा पैसा फुर्र से हाथ से निकल जाएगा

रिटायरमेंट के बाद फाइनेंस के मामले में ठोस प्लानिंग और जरूरी हो जाती है। सबसे पहले यह कैलकुलेशन जरूरी है कि व्यक्ति के पास कुल कितना फंड है। नौकरी के दौरान व्यक्ति शेयरों, म्यूचुअल फंड्स, बैंक एफडी, इंश्योरेंस पॉलिसीज और रियल एस्टेट में निवेश करता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 21, 2025 पर 10:08 AM
World Senior Citizen's Day: भूलकर भी नहीं करें य गलतियां, नहीं तो पूरा पैसा फुर्र से हाथ से निकल जाएगा
इनफ्लेशन की वजह से हर साल आपका विड्रॉल कम से कम 5 फीसदी बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि आपके रिटायरमेंट फंड का रिटर्न इससे ज्यादा होना चाहिए।

सीनियर सिटीजंस को रिटायरमेंट के बाद अलग तरह के चैलेंजेज का सामना करना पड़ता है। रेगुलर इनकम का स्रोत बंद हो जाता है। ऐसे में फाइनेंस के मामले में ठोस प्लानिंग जरूरी है। इसमें थोड़ी सी भी गलती भारी पड़ सकती है।  सबसे पहले यह कैलकुलेशन जरूरी है कि आपके पास कुल कितना फंड है। नौकरी के दौरान व्यक्ति शेयरों, म्यूचुअल फंड्स, बैंक एफडी, इंश्योरेंस पॉलिसीज और रियल एस्टेट में निवेश करता है। यह निवेश रिटायरमेंट के बाद काम आता है।

एसेट और लायबिलिटी का हिसाब 

यह जानने के बाद कि कुल कितना फंड है, यह पता लगाना जरूरी है कि लायबिलिटी कितनी है। इन दोनों की जानकारी हो जाने के बाद यह तय हो जाता है कि कुल कितना पैसा व्यक्ति के पास है। वैल्यू कर्व फाइनेंशियल सर्विसेज के सर्टिफायड फाइनेंशियल प्लैनर हर्षिल मोरजारिया ने कहा, "पेंशन, रेंट और एन्युटी से होने वाली इनकम का अनुमान लगाना भी जरूरी है। इससे एक व्यावहारिक कैश फ्लो प्लान बनाने में मदद मिलेगी।" अगर यह काम मुश्किल लगता है कि सीनियर सिटीजन फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकता है। इसकी वजह यह है कि इसमें गलती की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

पोर्टफोलियो का रिटर्न इनफ्लेशन से ज्यादा

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