वेल्थ क्रिएशन (Wealth Creation) और योग (Yoga) में क्या समानता है? आपका जवाब हो सकता है-बहुत ज्यादा नहीं। लेकिन यह सच नहीं है। योग में आठ चरण हैं, जिनका पालन 8 स्टेप्स में फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए किया जा सकता है। योग के एक्सपर्ट्स इन्हें अष्टांग- यानी आठ अंग कहते हैं। अनुशासित तरीके से इनका अभ्यास करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है। असल में अपने वेल्थ को बढ़ाना बहुत अलग नहीं है। आइए योग के इन 8 चरणों के बारे में जानते हैं, जो एक बेहतर इनवेस्टर बनने में आपकी मदद कर सकते हैं।
योग के पहले चरण में नैतिकता के बारे में बताया गया है। इसका मतलब यह नही है कि आपको सिर्फ सामाजिक रूप से जिम्मेदार कंपनियों में निवेश करना है। दरअसल, हमें इनवेस्ट करने के तरीके में नैतिकता बरतना जरूरी है। मुंबई में ओम योग क्लासेज चलाने वाले योग इंस्ट्रक्टर भरत चावड़ा ने कहा, "शेयरों में अपने इनवेस्टमेंट को जुआ खेलने जैसा देखना बंद कीजिए। आपको बार-बार खरीदने और बेचने से बचना चाहिए।"
क्या आप फिल्म दिखने या बेकार की चीजों के लिए योग करने के अपने प्लान को कैंसिल कर देते हैं। अगर आप बार-बार ऐसा करता है तो अनुशासन आपके अंदर जगह बना लेता है और आपके योग की प्रैक्टिस नियमित नहीं हो पाती है। नियम का मतलब है अनुशासन। समय से पहले अपना पैसा निवेश से नहीं निकालें। अचानक किसी खरीदारी के लिए अपने रिटायरमेंट फंड से पैसे निकालने या सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान को जारी नहीं रखने से वेल्थ क्रिएशन के प्रोसेस पर असर पडे़गा।
आसन का मतलब अलग-अलग तरह के योग की मुद्रा से है। हम जानते हैं कि हम अपनी वेल्थ में इजाफा चाहते हैं। आप आसन की सीरीज की तरह इनवेस्ट करने के बारे में सोच सकते हैं। हमारे जैसे कई लोग इसलिए पर्याप्त बचत नहीं कर पाते, क्योंकि हम खर्च करने को ज्यादा जरूरी समझ लेते हैं। भरत ने कहा, "मान लीजिए आपकी मंथली इनकम 1 लाख रुपये है। अगर आप इसका 30 फीसदी अपने खर्च के लिए अलग कर दें और बाकी का निवेश करें तो बहुत अच्छा होगा। लेकिन, अगर आप 70 फीसदी खर्च करें और बाकी 30 फीसदी इनवेस्ट करें तो यह अच्छा नहीं है। आप तभी वेल्थ बना पाएंगे जब आपका खर्च आपकी बचत से कम हो।"
इस चरण का संबंध ध्यान से है। यह हमारे मन को शांत करता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर आप नियमित रूप से इनवेस्ट करते हैं तो यह आपके मन को शांत रखता है, क्योंकि आपको पता है कि आपका पैसा आपके लिए काम करता है। आप प्राणायम को एक सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के रूप में देख सकते हैं। भरत का कहना है कि प्राणायाम या ध्यान या सांसों से जुड़े योग का फायदा आपको रातोरात नहीं मिलता। लेकिन, अगर आप इसका नियमित रूप से प्रैक्टिस करते हैं तो आपको फर्क महसूस होगा। SIP के साथ भी ऐसा ही है। एक रात या कुछ महीनों में आपको इसका असर नहीं दिखता है। लेकिन, रेगुलेरली इनवेस्ट करने से आपको लॉस होने की संभावना घट जाती है।
योग में इस चरण का मतलब यह है कि आप बाहरी ताकतों से नियंत्रित होना बंद कर देते हैं। आप अपने अंदर की आवज को सुनने लगते हैं। यह अपने अंदर झांकने से होता है। आप दूसरों की बातों पर ध्यान देने की जगह अपने शरीर और मन को बेहतर तरह से प्रशिक्षित करने पर फोकस कर सकते हैं। सक्सेसफुल इनवेस्टिंग इससे अलग नहीं है। क्या आप अपने दोस्त या पड़ोसी से मिलने वाले टिप्स से प्रभावित होते हैं? व्हाट्सअप पर बेस्ट इनवेस्टिंग अपॉर्चुनिटी और इनवेसमेंट आइडिया से दूर रहने की जरूरत है। फुल सर्किल फाइनेंशियल प्लानर्स एंड एडवाइजर्स के फाउंडर कल्पेशन अशार ने कहा, "हर्ड मेंटलिटी का हिस्सा नहीं बने। शॉर्ट कट्स के चक्कर में नहीं फसें।"
इसका संबंध मन की उस अवस्था से है, जब आपको पता होता है कि आपको क्या करना है। यह दृढ़ संकल्प को बताता है। सक्सेसफुल इनवेस्टिंग में भी धारणा शामिल है, क्योंकि यह आपका धर्म या जीने का तरीका बन जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दूसरी चीजें नहीं करनी है। धारणा आपको बतौर एक इनवेस्टर आपकी जिम्मेदारियों से अवगत कराता है।
इस शब्द का इस्तेमाल रोजाना की जिंदगी में होता है। इसका मतलब है कि फोकस या कंसंट्रेशन। जो ध्यान लगाना जानते हैं उन्हें योग के आसान करने में आसानी होती है। इसका मतलब यह भी है कि आपको अपने लक्ष्य पर फोकस करना है। भरत ने कहा, "अगर आप धारणा और ध्यान में भरोसा करते हैं तो आपके इनवेस्टमेंट के खराब प्रदर्शन पर भी आपको दुख नहीं होगा। लेकिन, अगर आप कुछ टिप्स के आधार पर इनवेस्ट करते हैं और आपका निवेश खराब प्रदर्शन करता है तो आप दुखी हो जाते है।"
यह योग का अंतिम चरण है। इसका मतलब हमेशा खुश रहना है। इसका मतलब है कि आपने अपने फाइनेंशियल गोल्स को हासिल कर लिया है। इस स्टेज पर पहुंचने के बाद आपको इनवेस्ट करने की जरूरत नहीं रह जाती। अब आपके पास खर्च करने के लिए पर्याप्त फंड है। सभी इनवेस्टर्स को इस स्टेज तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए। आप इस स्टेज पर तभी पहुंच सकते हैं जब आप दूसरे सभी स्टेज को पार कर लेते हैं।