अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और बैंक सबसे पहले इनकम प्रूफ यानी सैलरी स्लिप, फॉर्म-16 या ITR मांग ले तो घबराहट होना तय है। बहुत से लोग मान लेते हैं कि बिना इन दस्तावेज़ों के लोन मिलना नामुमकिन है। लेकिन हकीकत यह है कि कुछ हालात में बिना इनकम प्रूफ के भी पर्सनल लोन मिल सकता है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं और ब्याज दरें भी अपेक्षाकृत ज़्यादा हो सकती हैं।
बैंक और NBFC आमतौर पर अनसिक्योर्ड लोन देने से बचते हैं क्योंकि इसमें जोखिम ज़्यादा होता है। लेकिन अगर आपका CIBIL स्कोर अच्छा है, पुराना भुगतान रिकॉर्ड साफ़ है और बैंक स्टेटमेंट में नियमित इनकम का पैटर्न दिखता है, तो लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। फ्रीलांसर, सेल्फ-एम्प्लॉयड या बिजनेस करने वाले लोग GST रिटर्न, बिजनेस से जुड़े दस्तावेज़ या टैक्स रिटर्न दिखाकर भी अपनी आय साबित कर सकते हैं।
इसके अलावा, कई बैंक अब सिर्फ नौकरीपेशा लोगों पर निर्भर नहीं रहते। वे आपकी पूरी वित्तीय स्थिति देखकर फैसला करते हैं। अगर आपके पास प्रॉपर्टी, फिक्स्ड डिपॉज़िट या अन्य सिक्योर्ड एसेट्स हैं, तो उनके आधार पर भी लोन मिल सकता है। हालांकि ऐसे लोन में ब्याज दरें अधिक होती हैं और शर्तें सख्त रहती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना इनकम प्रूफ लोन लेने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे पहले अपनी क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत करें समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल चुकाएं। दूसरा, आवेदन करते समय जरूरी वैकल्पिक दस्तावेज़ तैयार रखें। तीसरा, केवल उतना ही लोन लें जितना वास्तव में ज़रूरी हो, क्योंकि ब्याज दरें ऊंची होने से बोझ बढ़ सकता है।
सैलरी स्लिप या ITR न होने पर भी लोन का रास्ता बंद नहीं होता। सही दस्तावेज, मजबूत क्रेडिट स्कोर और वित्तीय अनुशासन से आप बैंक को भरोसा दिला सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, ऐसे लोन आसान नहीं होते और महंगे भी साबित हो सकते हैं। इसलिए सोच-समझकर ही कदम उठाना बेहतर है।