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जल्द ही EPF में घट सकता है योगदान, जानिए कैसे?

सोशल सिक्योरिटी कोड बिल के तहत EPF कॉन्ट्रिब्यूशन घटाने की तैयारी की गई है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 12, 2019 पर 4:19 PM
जल्द ही EPF में घट सकता है योगदान, जानिए कैसे?

सरकार आपकी टेम होम सैलरी यानी हाथ में आने वाली सैलरी को बढ़ाने के लिए एक  मसौदा तैयार कर चुकी है। जिसे कैबिनेट से मंजूरी भी मिल चुकी है। इसी हफ्ते इसे संसद पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जाहिर है कि अगर एक हिस्सा बढ़ेगा तो दूसरा घटेगा। यानी अगर हाथ में आने वाली सैलरी बढ़ गई तो फिर आपका EPF कॉन्ट्रिब्यूशन घट जाएगा।  

मौजूदा समय में कर्मचारियों के बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हिस्सा EPF के रूप में काटा जाता है। इसी तरह नियोक्ता की तरफ से भी बेसिक सैलरी के 12 फीसदी के बराबर ही रकम EPFO में जमा होती है, लेकिन इस रकम का 8.33 फीसदी EPS यानी कर्मचारी पेंशन योजना में चला जाता है। अब सोशल सिक्योरिटी कोड बिल (Social Security Code Bill, 2019) में कर्मचारियों वाले हिस्से को घटाने का प्रस्ताव किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिल के पास होने के बाद कर्मचारियों के PF कॉन्ट्रिब्यूशन को कैसे कम किया जा सकता है। इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी।

क्या यह एक सकारात्मक पहल है?

ऐसा पहली बार नहीं है कि सरकार ने EPF में कॉन्ट्रिब्यूशन घटाने की योजना बनाई हो। पिछले साल अगस्त में इस पर बात हुई थी। तब अगस्त 2017 में कहा गया था कि EPFO के ट्रस्टी 10 फीसदी की राशि को कम करने की मंजूरी दे सकते हैं। एक ही दिन में Central Board of Trustees ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

टेक होम सैलरी में बढ़ोतरी होना बेहद ही एक अच्छी खबर है। लेकिन PF अगर कम कटेगा तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम भी घट जाएगी।

PF में योगदान घटाने का विकल्प देने के पीछे सरकार की यह सोच है कि लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा जाएगा तो वे ज्यादा खर्च करेंगे, इससे खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। हालांकि, नियोक्ता (एम्प्लॉयर) के योगदान में बदलाव नहीं कर इसे 12 फीसदी ही रखा जाएगा। इसी तरह बिल में कहा गया है कि फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट वर्कर भी प्रो रेटा आधार पर ग्रेच्युटी हासिल करने के पात्र हो जाएंगे। यानी कॉन्ट्रैक्टर वर्करों को काम के समय के अनुपात में ग्रेच्युटी का लाभ देने का प्रस्ताव भी है। अभी लगातार 5 साल की सेवा पूरी करने पर ही ग्रेच्युटी मिलती है।

कुल मिलाकर सिक्योरिटी कोड बिल के तहत आपकी टेम होम सैलरी बढ़ जाएगी। आपका EPF में कॉन्ट्रिब्यूशन घट जाएगा। इससे रिटायर होने के बाद मिलने वाली रकम भी घट जाएगी।    

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