EPFO 3.0: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही EPFO 3.0 पेश करने जा रहा है। यह पीएफ सब्सक्राइबर्स के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होने वाला है। इस नए अपडेट के बाद आपको अपने पीएफ बैलेंस से पैसा निकालने के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि आप सीधे ATM कार्ड के जरिए कैश निकाल सकेंगे।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, EPFO 3.0 का उद्देश्य सब्सक्राइबर्स को उनके पैसे पर अधिक नियंत्रण देना है:
डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल: पीएफ के लिए जारी एटीएम कार्ड का उपयोग बैंक के डेबिट कार्ड की तरह ही किया जा सकेगा।
75% तक निकासी: इमरजेंसी जैसे कि मेडिकल जरूरत, घर का निर्माण या बेरोजगारी के दौरान आप अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75% तक तुरंत निकाल सकेंगे।
संभावित लिमिट: हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि एक बार में 1 से 2 लाख रुपये तक की निकासी की अनुमति मिल सकती है।
सुविधा बढ़ेगी, लेकिन नहीं बदलेगा टैक्स का नियम
नए अपडेट के साथ भले ही PF से पैसा निकालना आसान हो जाए, लेकिन उस पर लगने वाला टैक्स पुराने नियमों के हिसाब से ही वसूला जाएगा। इसमें सारा खेल आपकी नौकरी की अवधि पर टिका है:
5 साल के बाद: अगर आप लगातार 5 साल की सेवा (पिछली कंपनियों के पीएफ ट्रांसफर मिलाकर) पूरी कर चुके हैं, तो पीएफ निकालना पूरी तरह से टैक्स-फ्री होगा।
5 साल से पहले: अगर आप 5 साल की नौकरी पूरी होने से पहले पैसा निकालते हैं, तो यह आपकी उस साल की कुल आय में जोड़ दिया जाएगा और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।
5 साल से पहले निकासी का पूरा गणित
मान लीजिए आप 3 साल की नौकरी के बाद ₹2 लाख निकालते हैं तब ये होगा:
TDS कटौती: अगर आपने PAN दिया है, तो निकासी के समय ही 10% यानी ₹20,000 TDS काट लिया जाएगा। आपको हाथ में ₹1.8 लाख मिलेंगे।
इनकम टैक्स स्लैब: साल के अंत में यह ₹2 लाख आपकी कुल आय में जुड़ेंगे। अगर आप 20% वाले टैक्स स्लैब में आते हैं, तो आपका कुल टैक्स ₹40,000 बनेगा। चूंकि ₹20,000 पहले ही कट चुके हैं, तो आपको ₹20,000 और चुकाने होंगे।
80C का लाभ वापस: अपनी नौकरी के दौरान आपने सेक्शन 80C के तहत जो टैक्स छूट ली थी, वह भी वापस ले ली जाएगी।
इसमें सबसे जरूरी बात ये है कि, अगर आप अपना PAN कार्ड सबमिट नहीं करते हैं, तो TDS की दर 10% से बढ़कर सीधे 34.608% तक जा सकती है। इसलिए पीएफ निकालते समय PAN और फॉर्म 15G/15H (अगर लागू हो) का विवरण देना बेहद जरूरी है।