जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कामत ने इनवेस्टमेंट के बारे में एक बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि यह कोई नहीं बता सकता कि किस एसेट क्लास का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहेगा। इस बारे में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने पोस्ट में यह भी बताया है कि निवेश की सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी क्या है। उनकी यह सलाह ऐसे वक्त बहुत काम की है, जब शेयर बाजार और बुलियन में आई गिरावट से निवेशक काफी चिंतित हैं।
डायवर्सिफिकेशन सबसे अच्छी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी
कामत ने पोस्ट में कहा है कि ज्यादातर इनवेस्टर्स के लिए सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी डायवर्सिफिकेशन है। साथ ही उन्हें बाजार के अच्छे और बुरे फेज में अपना निवेश बनाए रखना चाहिए। उन्होंने एक डेटा भी शेयर किया है, जिसमें अलग-अलग पोर्टफोलियो में रोलिंग दो साल के सिप रिटर्न को दिखाया गया है। इसमें प्योर इक्विटी सूचकांकों और मिक्स्ड पोर्टफोलियो की तुलना की गई है, जिसमें शेयर, डेट और गोल्ड शामिल हैं।
पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन से घटता है रिस्क
इसमें यह दिखाया गया है कि प्योर इक्विटी और डेट और गोल्ड वाले मिक्स्ड पोर्टफोलियो में 10,000 रुपये प्रति माह के सिप निवेश से किस तरह मार्केट में उतार-चढ़ाव के दौरान रिटर्न को गिरने से बचाए रखने में मदद मिलती है। इस डेटा के मुताबिक, शेयर, डेट और गोल्ड के बराबर ऐलोकेशन वाले मिक्स्ड पोर्टफोलियो का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस पोर्टफोलियो ने करीब 18.1 फीसदी रिटर्न दिया।
गिरावट में प्योर इक्विटी पोर्टफोलियो का रिटर्न खराब
एक दूसरा डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो जिसमें 60 फीसदी शेयर और 20-20 फीसदी डेट और गोल्ड था, उसने करीब 8 फीसदी रिटर्न दिया। बाजार में हालिया गिरावट के बावजूद दोनों पोर्टफोलियो का रिटर्न पॉजिटिव रहा। इसके मुकाबले प्योर इक्विटी वाले पोर्टफोलियो संघर्ष करता दिखा। निफ्टी 500 ने 9.1 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया, जबकि निफ्टी लार्जमिडकैप 250 में इस दौरान 7.8 फीसदी गिरावट आई। 60 फीसदी इक्विटी और 40 फीसदी डेट वाले पोर्टफोलियो का रिटर्न भी निगेटिव 2.5 फीसदी रहा।
डेट इनवेस्टमेंट का रिटर्न उतार-चढ़ाव में स्टेबल
सरकारी सिक्योरिटीज वाले डेट इनवेस्टमेंट्स ने करीब 5.3 फीसदी स्टेबल रिटर्न दिए। यह चार्ट बताता है कि मार्केट साइकिल किस तेजी से बदल सकता है। ज्यादा इक्विटी हिस्सेदारी वाले पोर्टफोलियो ने पहले की तेजी में अच्छे रिटर्न दिए हैं। लेकिन, बाजार में गिरावट आने पर रिटर्न अच्छा नहीं रहा। दूसरी तरफ डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो का प्रदर्शन अच्छा रहा। उस पर गिरावट का कम असर दिखा।
सही मौके की तलाश से ज्यादा जरूरी है बैलेंस्ड ऐलोकेशन
कामत के मैसेज से इनवेस्टमेंट के आम सिद्धांत का पता चलता है। बाजार में निवेश के सही मौके की तलाश करने या चढ़ने वाले शेयरों की पहचान करने की जगह इनवेस्टर्स को बैलेंस्ड ऐलोकेशन से ज्यादा फायदा हो सकता है। आम तौर पर डेट और गोल्ड का प्रदर्शन शेयरों से अलग रहता है, जिससे कुल रिस्क घट जाता है। डेटा यह भी दिखाता है कि हर साइकिल में सिप से रेगुलर इनवेस्टमेंट सबसे जरूरी है।