Zerodha के नितिन कामत ने Groww पर कसा तंज, फिर सोशल मीडिया पर शुरू हो गई डायरेक्ट वर्सेज रेगुलर फंड पर बहस

जीरोधा के फाउंडर नितिन कामत के सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स को लेकर नई बहस शुरू हो गई। इसमें कई यूजर्स ने भी अपनी-अपनी राय व्यक्त की। इससे यह पूरा मामला दिलचस्प हो गया। बाद में ग्रो को भी जवाब देना पड़ा

अपडेटेड Jul 11, 2026 पर 12:20 PM
नितिन कामत ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि जीरोधा का फोकस शुरू से ही निवेश को आसान और किफायती रखने पर रहा है।

इनवेस्टर्स के निवेश के तरीके को लेकर अगर देश के दो सबसे बड़े इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के बीच बहस छिड़ जाए तो क्या होगा? हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऐसा ही हुआ। डायरेक्ट और रेगुलेटर फंड्स से जुड़ी यह बहस काफी दिलचस्प हो गई। इसमें इनवेस्टर्स ने भी अपनी-अपनी राय व्यक्त की। आइए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है।

नितिन कामत ने एक्स पर 9 जुलाई को पोस्ट शेयर किया

Zerodha के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड के बारे में अपनी राय बताई। उन्होंने अपने ग्राहकों को फ्री-ऑफ कॉस्ट डायरेक्ट फंड ऑफर करने की पॉलिसी के बारे में बताया। उनके इस पोस्ट ने कई इनवेस्टर्स का ध्यान खींचा। कई इनवेस्टर्स और यूजर्स ने इसे Groww की हाल में लॉन्च प्राइम सर्विस पर तंज के रूप में लिया।


ग्रो के जवाब देते ही सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई

Groww ने बाद में इसका जवाब दिया। उसने साफ किया कि उसकी नई सर्विस के बारे में गलतफहमी है। हालांकि, इससे डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के फायदे और नुकसान को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। पहले यह जान लेना जरूरी है कि डायरेक्ट फंड और रेगुलर फंड में क्या फर्क है। म्यूचुअल फंड की स्कीम में इनवेस्टर्स दो तरह से निवेश कर सकते हैं-डायरेक्ट और रेगुलर। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस के जरिए उसकी स्कीम में निवेश करते हैं। इसमें कोई ब्रोकर या डिस्ट्रिब्यूटर शामिल नहीं होता है।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के बीच के फर्क को समझें

म्यूचुअल फंड की किसी स्कीम में अगर आप डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए निवेश करते हैं तो उसे रेगुलर फंड कहा जाता है। चूंकि रेगुलर फंड में निवेश डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए होता है, जिससे इसमें उसका कमीशन शामिल होता है। आपके निवेश का कुछ हिस्सा उसके कमीशन पर खर्च होता है। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस की स्कीम में निवेश करते हैं, जिससे इसमें किसी तरह का कमीशन नहीं होता है। आपके निवेश का पूरा पैसा फंड हाउस के पास जाता है, जिसे वह निवेश करता है।

कामत ने कस्टमर्स को किफायती सर्विस देने की पॉलिसी पर दिया जोर

कामत ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि जीरोधा का फोकस शुरू से ही निवेश को आसान और किफायती रखने पर रहा है। उन्होंने बताया कि 2010 में जब हमने डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल शुरू किया था तब हमने छोटे-बड़े सभी ट्रेड के लिए एक समान फीस रखने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि जीरोधा अपने इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Coin के जरिए म्यूचुअल फंड के मामले में भी यही पॉलिसी अपनाती है।

जीरोधा के कामत ने लो-कॉस्ट सर्विसेज पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म निवेश के अमाउंट पर कोई फीस चार्ज करता है तो उसे खुद की सर्विस को लो-कॉस्ट या डिस्काउंट सर्विसेज नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहरहाल CoinByZerodha इंडिया में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। इसका डायरेक्ट म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट 1.6 लाख करोड़ रुपये है। हमारे सभी कस्टमर्स ने कमीशन के रूप में हजारों करोड़ रुपये की सेविंग्स की है।

कामत ने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में बताया

कामत ने यह भी कहा कि कई प्लेटफॉर्म्स ने तो शुरुआत डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स के साथ की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पॉलिसी बदल दी। उन्होंने यह भी कहा कि जीरोधा ऐसा नहीं करेगी। हम कस्टमर्स को डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स फ्री ऑफर करते रहेंगे। उन्होंने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने इसे एक उदाहरण के जरिए समझाने की कोशिश की।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड के रिटर्न में आता है फर्क

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में कॉस्ट काफी मायने रखता है। उन्होंने डीएसपी लार्जकैप फंड में मंथली 5000 रुपये के सिप का उदाहरण दिया। इस स्कीम में एक समान अवधि में डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान में एक समान अमाउंट निवेश करने पर रिटर्न अलग-अलग आता है। डायरेक्ट प्लान में पैसा बढ़कर करीब 19.5 लाख रुपये हो जाता है, जबकि रेगुलर प्लान में यह 18.3 लाख रुपये रहता है। इस फर्क की वजह कमीशन है।

ग्रो ने कहा कि डायरेक्ट फंड में निवेश की फ्री सर्विस जारी रहेगी

ग्रो ने उनके इस पोस्ट पर अपनी सफाई पेश की। उसने कहा कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश को लेकर उसकी पॉलिसी नहीं बदली है। कंपनी ने कहा कि डायरेक्ट फंड अभी ग्रो के लिए सबसे अहम है और आगे भी रहेगा। 1 करोड़ से ज्यादा इनवेस्टर्स ने हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए 1.9 लाख करोड़ रुपये का निवेश म्यूचुअल फंड्स में किए हैं। इससे ग्रो देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है। उसने साफ किया कि उसका MF Prime एक ऑप्शनल सर्विस है। इसे उन निवेशकों के लिए शुरू किया गया है जो अपने निवेश के प्रबंधन में अतिरिक्त सहायता चाहते हैं। इसका मतलब है कि उसकी बेसिक सर्विस फ्री बनी रहेगी।

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