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योर मनीः जाने क्या हैं टर्म प्लान की बारीकियां!

हर दिन एक नए विषय के साथ योर मनी आपके लिए लेकर आया है निवेश के सहीं तरीके।

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 03, 2016 पर 3:59 PM
योर मनीः जाने क्या हैं टर्म प्लान की बारीकियां!

हर दिन एक नए विषय के साथ योर मनी आपके लिए लेकर आया है निवेश के सहीं तरीके। जहां पर्सनल फाइनेंस के लिहाज से निवेशक समझ सकें कि उनका पैसा कितना सुरक्षित है। आज जानेगें कि समझेगे कि टर्म प्लान की बारीकियां क्या हैं और कैशलेस इलाज के फायदे क्या हैं। साथ ही जानेगें कि मेडिक्लेम के भुगतान में देरी से कैसे बचें। आज हमारे साथ इन सभी सवालों के जवाब देगें रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा।

मेडिक्लेम के भुगतान को लेकर हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि दस्तावेज जमा करने के लिए 30 दिन के भीतर क्लेम का सेटलमेंट जरूरी होती है। अगर दस्तावेज अधूरे हैं तो क्लेम सेटलमेंट में देरी होती है। और कैशलेस इलाज का सीधा भुगतान अस्पताल को जाता है। इलाज के बाद बिल जमा करके भी पैसा क्लेम कर सकते हैं।

वहीं कैशलेस इलाज की प्रक्रिया को लेकर हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि अस्पताल इलाज की अनुमानित राशि कंपनी या टीपीए को भेजती है। कंपनी या टीपीए जांच के बाद इलाज की मंजूरी देती है। इलाज पूरा होने के बाद अंतिम बिल कंपनी या टीपीए को भेजा जाता है। इलाज का खर्च अनुमान से ज्यादा है तो कंपनी की फिर से मंजूरी जरूरी होती है। कई मामलों में कैशलेस इलाज की मंजूरी नहीं मिलती है।

टीपीए यानि थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर इसके तहत इंश्योरेंस कंपनी क्लेम सेटलमेंट के लिए टीपीए नियुक्त करती है। टीपीए कंपनी के नियम के मुताबिक क्लेम सेटलमेंट करते हैं।

सवालः एलआईसी पॉलिसी की पॉलिसी में 1.5 लाख रुपये निवेश किए हैं, अगर अभी पॉलिसी सरेंडर करते है तो 50000 हजार रुपये का नुकसान होगा। हाथ में सिर्फ 1 लाख रुपये ही आएगें। तो क्या पॉलिसी से निकल जाएं या बने रहें। साथ ही यह भी जानना है कि 50 लाख रुपये का टर्म प्लान और खरीदना है कौन सा टर्म प्लान लें।

हर्षवर्धन रूंगटाः एलआईसी का ऑनलाइन टर्म प्लान दूसरी कंपनियों से मंहगा होगा। एसबीआई लाइफ से ही दूसरा टर्म प्लान ले सकती है। टर्म प्लान लेने से पहले 4-5 कंपनियों के प्रीमियम की तुलना अवश्य करें। आप एलआईसी की पॉलिसी से निकलकर म्युचुअल फंड में निवेश करें।

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