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होम लोन के लिए फिक्स्ड रेट लोन बेहतर

कई बार लोग ब्याज दरों के उतार चढ़ाव से डरते हैं और फिक्स्ड रेट पर होम लोन लेना पसंद करते हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 04, 2013 पर 3:24 PM
होम लोन के लिए फिक्स्ड रेट लोन बेहतर

ब्याज दरें लागू होने के बारे में निम्न 3 तरह के प्रकार सामने आते हैं-

1. फ्लोटिंग ब्याज दर होम लोनः ये सबसे ज्यादा मिलने वाले विकल्प होते हैं जहां बैंक की ब्याज दर बैंक के बेस रेट से जुड़ी होती है। जैसे जैसे बेस रेट में बदलाव होता है (ये हरेक तिमाही पर हो सकता है) उसी के अनुसार आपके होम लोन पर लगने वाला ब्याज भी बदल जाता है।

2.  छोटी अवधि के फिक्स्ड रेट होम लोनः ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बैंक टीजर लोन की तरह लोन देते हैं जिसमें शुरुआती कुछ समय के लिए निचली ब्याज दरें लागू होती हैं। जैसे 2 से 5 साल के लिए। इसके बाद या तो इस लोन को साधारण फ्लोटिंग रेट लोन में बदल दिया जाता है या फिर अगले 2-5 सालों के लिए फिर से ब्याज दरें तय की जाती हैं।

3. लंबी अवधि के फिक्स्ड रेट होम लोनः इस तरह के होम लेन में या तो पूरे लोन की अवधि के लिए ब्याज दर फिक्स की जाती है या फिर 7-8 सालों के लिए। सावधान रहें क्योंकि बैंक के पास ये अधिकार होता है कि स्थिति बहुत ज्यादा खराब होने पर बैंक के पास ब्याज दरें बढ़ाने का अधिकार होता है। आदर्श रुप से इस तरह के क्लॉज स्वीकार नहीं किए जाने चाहिए।

हालांकि अलग अलग बैंको के अलग अलग स्कीमों के हिसाब से अलग नियम हो सकते हैं।

इन तीनों में फ्लोटिंग रेट लोन सबसे सस्ते होते हैं। छोटी अवधि के फिक्स्ड रेट लोन फ्लोटिंग रेट से 0.25 फीसदी से 2 फीसदी तक महंगे होते हैं और लंबी अवधि के फिक्स्ड रेट लोन फ्लोटिंग रेट की तुलना में सबसे ज्यादा 2 से 4 फीसदी महंगे होते हैं।

ये सामान्य बात है कि आप जब तक ब्याज दरों के उतार चढ़ाव को झेलने के लिए तैयार रहते हैं आपका जोखिम कम रहता है। हालांकि अगर बैंक ये जोखिम उठाता है तो वो ज्यादा दर पर आपसे चार्ज कर सकते हैं।

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