Akshaya Tritiya 2026: कंफ्यूज न हों पंचांग से जानें अक्षय तृतीया की सही तारीख, जानिए आपके शहर में क्या है पूजा करने का शुभ मुहूर्त

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इस साल भक्तों को अक्षय तृतीया की तारीख को लेकर कंफ्यूजन हो रहा है। आइए पंचांग से जानें इसकी सही तारीख और आपके शहर में इस दिन क्या है सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 10:10 AM
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वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है।

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया या आखा तीज को हिंदू धर्म के अत्यंत पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन का गहरा धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि इतनी पवित्र मानी जाती है कि इस दिन कोई भी शुभ, मांगलिक या नया काम शुरू करने के लिए शुभ मुहूर्त का विचार जरूरी नहीं माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए दान-पुण्य और सत्कर्मों का अक्षय फल प्राप्त होता है।कहते हैं आखा तीज के दिन बहुमूल्य धातु किसी भी रूप में खरीदने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और उसमें सदा वृद्धि होती है। इस साल अक्षय तृतीया की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा कंफ्यूजन है। इसलिए आइए पंचांग से जानें इस साल अक्षय तृतीया का पर्व किस दिन मनाया जाएगा।

अक्षय तृतीया 2026 तिथि

पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 45 मिनट से लेकर 20 अप्रैल को 7 बजकर 49 तक रहेगी। यह तिथि दोनों दिनों को स्पर्श कर रही है। इस त्योहार की सही तारीख को लेकर संशय की यही वजह है। हालांकि, 20 अप्रैल को वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि सुबह जल्दी समाप्त हो जाएगी। इसलिए 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाना उचित रहेगा।

अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह तारीख समय चक्र के बदलाव की गवाह है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया सतयुग के अंत और त्रेता युग की शुरुआत का प्रतीक है। भगवान विष्णु के छठे अवतार और शस्त्र और शास्त्रों के ज्ञाता भगवान परशुराम इसी तारीख को प्रकट हुए थे। माना जाता है कि भागीरथ की कड़ी तपस्या से खुश होकर, मां गंगा इसी दिन स्वर्ग से धरती पर उतरी थीं। इसी दिन महाभारत काल में पांडवों के वनवास के दौरान, सूर्य देव ने उन्हें अक्षय पात्र दिया था, जिससे उन्हें कभी भी भोजन की कमी नहीं हुई। द्वारकाधीश श्री कृष्ण ने अक्षय तृतीया को अपने सबसे अच्छे दोस्त सुदामा की गरीबी दूर की थी।

अक्षय तृतीया : अबूझ मुहूर्त


अक्षय तृतीया के दिन शादी, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, नया बिजनेस शुरू करना, गाड़ी खरीदना और ज्वेलरी खरीदना जैसे सभी काम अपने आप पूरे माने जाते हैं।

आपके शहर में अक्षय तृतीया पर पूजा का मुहूर्त

शहर पूजा का समय

नई दिल्ली : सुबह 10:49 बजे से 12:20 बजे तक

गुड़गांव : सुबह 10:49 बजे से 12:21 बजे तक

नोएडा : सुबह 10:49 बजे से 12:20 बजे तक

कोलकाता : सुबह 10:49 बजे से 11:36 बजे

चेन्नई : सुबह 10:49 बजे से 12:08 बजे तक

मुंबई : सुबह 10:49 बजे से 12:38 बजे तक

पुणे : सुबह 10:49 बजे से 12:34 बजे तक

चंडीगढ़ : सुबह 10:49 बजे से 12:22 बजे तक

जयपुर : सुबह 10:49 बजे से 12:26 बजे तक

बेंगलुरु : सुबह 10:49 बजे से 12:19 बजे तक

हैदराबाद : सुबह 10:49 बजे से 12:15 बजे तक

अहमदाबाद : सुबह 10:49 बजे से 12:39 बजे तक

ध्यान दें: यह समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर थोड़ा अलग हो सकता है।

अक्षय तृतीया का दान

सनातन परंपरा में माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर दान करने से धन की हानि नहीं होती, बल्कि धन और समृद्धि बढ़ती है। यानी अक्षय तृतीया पर कमाया गया दान और पुण्य कभी खत्म नहीं होता।

  • अन्न का दान
  • जल का दान
  • कपड़ों का दान
  • गाय का दान
  • जूते का दान

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