Apara Ekadashi 2026: 12 या 13 मई कब किया जाएगा अपरा एकादशी का व्रत? जानें सही तारीख, मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Apara Ekadashi 2026: अपरा एकादशी का व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। इस साल अपरा एकादशी व्रत की तारीख को लेकर भक्तों में भ्रम है। आइए जानें ये व्रत किस दिन किया जाएगा और इसकी विधि क्या है

अपडेटेड May 07, 2026 पर 11:41 AM
Story continues below Advertisement
अपरा एकादशी का व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है।

Apara Ekadashi 2026: एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। यह व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इन्हीं में से एक है अपरा एकादशी का व्रत, जो ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है। जैसे कि नाम से ही स्पष्ट हो रहा है, इस व्रत को करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत करने से धन-धान्य और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। अपरा एकादशी को अजला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत को करने से मनुष्य को उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन तुलसी, चंदन, कपूर और गंगाजल से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। कहते हैं इस व्रत को रखने से व्यक्ति जन्म-मृत्यु के कर्म चक्र से भी मुक्त हो जाता है।

मई 2026 में अपरा एकादशी : तारीख और समय

एकादशी तिथि शुरू : 12 मई, 2026 – दोपहर 02:52 बजे

एकादशी तिथि खत्म : 13 मई, 2026 – दोपहर 01:29 बजे

उदयातिथि के अनुसार अपरा एकादशी का व्रत 13 मई को किया जाएगा। इस व्रत का पारण 14 मई को होगा।

पारण का समय : 14 मई, 2026 – प्रात:काल 05:31 बजे से सुबह 08:14 बजे के बीच


पारण के दिन द्वादशी खत्म होने का समय : 14 मई, 2026 – दिन में 11:20 बजे

पूजा विधि 

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और एकादशी व्रत-पूजा का संकल्प लें।
  • पूजा स्थान को साफ करें और एक लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।
  • इस पर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें, देसी घी का दीया जलाएं और माला या फूल चढ़ाएं।
  • पंचामृत (दूध, घी, दही, शहद और चीनी) और सात्विक भोग प्रसाद तैयार करें।
  • भगवान विष्णु की आरती करें और तैयार भोग प्रसाद चढ़ाएं।
  • एकादशी के दिन, "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
  • अगले दिन विधि पूर्वक व्रत का पारण करें।

अपरा एकादशी 2026: महत्व

एकादशी हिंदू धर्म में सबसे शुभ दिनों में से एक है। इस दिन का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित है। माना जाता है कि लोग जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाने के लिए यह व्रत रखते हैं। अपरा शब्द का मतलब है असीम और पांडवों ने कौरवों के खिलाफ युद्ध जीतने के लिए इस खास दिन व्रत रखा था। अपने शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने के लिए, भक्त यह व्रत रखते हैं।

अपरा एकादशी पर ये जरूर करें

  • शाम के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं।
  • सूर्य देव को अर्घ्य चढ़ाएं।
  • दान जरूर करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
  • फलाहारी भोजन का ही सेवन करें।
  • किसी से कड़वे बोल न बोलें और किसी के प्रति बुरे विचार मन में न आने दें।

Apara Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह की पहली एकादशी पर इन अचूक उपायों से लाएं अपने जीवन में बदलाव, जानें अपरा एकादशी व्रत की तारीख और मुहूर्त

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।