Apara Ekadashi 2026: इन गलतियों की वजह से टूटता है एकादशी व्रत, दोष दूर करने के लिए करें ये उपाय

Apara Ekadashi 2026: आज बहुत से भक्त ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का व्रत कर रहे हैं। एकादशी व्रत को हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन कई बार छोटी सी असावधानी से भक्तों का यह व्रत टूट जाता है। आइए जानें इस दोष से बचने के लिए क्या उपाय करें

अपडेटेड May 13, 2026 पर 5:06 PM
Story continues below Advertisement
अपरा एकादशी का व्रत पापों के नाश और विष्णुलोक की प्राप्ति का मार्ग माना गया है।

Apara Ekadashi 2026: एकादशी का व्रत हिंदू धर्म के प्रमुख उपवास में से एक माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय भी माना जाता है। भगवान विष्णु का यह व्रत जब ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष की एकादशी को पड़ता है तो उसे अपरा या अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार अपरा एकादशी का यह पावन व्रत आज 13 मई 2026, बुधवार के दिन रखा जा रहा है।

एकादशी का व्रत हिंदू कैलेंडर के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी व्रत होते हैं। भक्त दशमी से लेकर द्वादशी तिथि तक बड़ी आस्था और नियम से यह व्रत करते हैं। लेकिन कभी-कभी छोटी सी असावधानी की वजह से उनका ये व्रत खंडित हो जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार जिस अपरा एकादशी व्रत को करने से पाप और प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है, अगर वह गलती से टूट जाए तो व्यक्ति को दोष से बचने के लिए क्या करना चाहिए, आइए जानें

इस व्रत में कुछ गलतियां व्रत को तोड़ देती हैं, जैसे चावल खाना, लहसुन-प्याज का सेवन, तुलसी पत्ते तोड़ना, दोपहर में सोना या नाखून/बाल काटना। यदि व्रत अनजाने में टूट जाए तो तुलसी दल से पारण करना, भगवान विष्णु से क्षमा याचना करना और दान-पुण्य करना दोष निवारण के उपाय माने जाते हैं।

अपरा एकादशी व्रत टूटने के कारण

चावल का सेवन करना – शास्त्रों में वर्जित है

लहसुन, प्याज, तामसिक भोजन – दशमी से ही त्यागना चाहिए


तुलसी पत्ते तोड़ना – एकादशी और द्वादशी पर निषिद्ध

दोपहर में शयन करना – व्रत का फल अधूरा हो जाता है

नाखून और बाल काटना – अशुभ माना जाता है

नकारात्मक विचार, झूठ, क्रोध, लालच – व्रत की शुद्धता भंग करते हैं

दूध और दही का सेवन – कई परंपराओं में वर्जित है

व्रत टूटने का दोष दूर करने के उपाय

तुलसी दल से पारण करें – द्वादशी तिथि पर तुलसी पत्ते के साथ व्रत तोड़ना

भगवान विष्णु से क्षमा याचना – “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करें

दान-पुण्य करें – भोजन, जल, वस्त्र, फल, अनाज जरूरतमंदों को दें

विष्णु सहस्रनाम का पाठ – व्रत की पुनः शुद्धि के लिए श्रेष्ठ उपाय

सात्विक आहार और संयम – अगले दिन भी साधारण भोजन रखें

श्री हरि से करें क्षमा याचना

अपरा एकादशी का व्रत पापों के नाश और विष्णुलोक की प्राप्ति का मार्ग माना गया है। यदि व्रत अनजाने में टूट जाए तो घबराने की आवश्यकता नहीं है—भगवान विष्णु से क्षमा मांगकर, तुलसी दल से पारण और दान-पुण्य करने से दोष दूर हो जाता है।

Apara Ekadashi 2026: आज पंचक के बीच किया जाएगा अपरा एकादशी का व्रत, इस दिन किन बातों का रखें खास ध्यान

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।