Ashadha month 2026: इस साल कब से शुरू होगा आषाढ़ का महीना, जानें तारीख और इस महीने में आएंगे कौन से व्रत त्योहार

Ashadha month 2026: हिंदू धर्म में आषाढ़ माह का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। हिंदू कैलेंडर का चौथे महीने आषाढ़ में कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं, जिनका हमारे जीवन में अहम स्थान है। आइए जानें इस साल आषाढ़ का महीना कब से शुरू होगा और इस माह के व्रत-त्योहार

अपडेटेड Jun 25, 2026 पर 7:59 PM
इसके बाद आषाढ़ का महीना शुरू होगा, जो इस कैलेंडर का चौथा महीना है।

Ashadha month 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ अब से कुछ दिनों में समाप्त होने वाला है। इसके बाद आषाढ़ का महीना शुरू होगा, जो इस कैलेंडर का चौथा महीना है। इस महीने में पूजा-पाठ, व्रत, तपस्या और भगवान की भक्ति का खास फल मिलता है। मान्यता है कि आषाढ़ माह में भगवान विष्णु की पूजा करने, दान-पुण्य करने और सात्विक जीवन अपनाने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आषाढ़ माह को भक्ति, संयम, दान और साधना का महीना कहा जाता है। इसलिए इस पूरे महीने भगवान विष्णु की आराधना और धर्म-कर्म से जुड़कर व्यक्ति आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकता है।

इस दिन से शुरू हो आषाढ़ माह

अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम ने न्यूज 18 को बताया कि वैदिक पंचांग के मुताबिक 30 जून 2026 से आषाढ़ माह की शुरुआत होगी। उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा 30 जून को सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी, इसके बाद आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। इस माह का समापन 29 जुलाई 2026 को होगा।

आषाढ़ माह 2026 के व्रत-त्योहार

  • 30 जून- आषाढ़ माह की शुरुआत
  • 3 जुलाई- संकष्टी चतुर्थी
  • 10 जुलाई- योगिनी एकादशी
  • 12 जुलाई- मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण)
  • 14 जुलाई- आषाढ़ अमावस्या
  • 16 जुलाई- जगन्नाथ रथ यात्रा, कर्क संक्रांति
  • 25 जुलाई- देवशयनी एकादशी, अषाढ़ी एकादशी
  • 26 जुलाई- प्रदोष व्रत (शुक्ल)
  • 29 जुलाई- गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत


आषाढ़ माह में क्या करें?

  • आषाढ़ माह में तुलसी के पौधे में पीले रंग के कलावे से 108 गांठ बांधना शुभ होता है। इससे शादी के प्रबल योग बनते हैं।
  • आषाढ़ महीने में रोज भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।
  • आषाढ़ माह में हर दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • इस महीने में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का जरूर दान करना चाहिए।

आषाढ़ माह में क्या न करें?

  • आषाढ़ महीने में बड़ों का अनादर न करें और किसी को बुरा न बोलें।
  • आषाढ़ माह में प्याज-लहसुन और तामसिक भोजन का सेवन करने से बचें।
  • आषाढ़ माह में मदिरा का सेवन और किसी तरह का नशा न करें।

आषाढ़ माह का धार्मिक महत्व

आषाढ़ का महीना भगवान विष्णु की भक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है। कहा जाता है कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और फिर चार महीने बाद देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। चातुर्मास शुरू होने के बाद हिंदू धर्म में कई मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। आषाढ़ शुक्ल एकादशी के बाद विवाह, गृह प्रवेश, सगाई और मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। इसलिए इस अवधि को साधना, भक्ति, जप और तप के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

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